दसवीं-बारहवी सीजी बोर्ड की दूसरी परीक्षा जुलाई में होगी। यह पहली बार है, जब एक साल में दो बार बोर्ड एग्जाम होगा। इस परीक्षा के लिए करीब 82 हजार आवेदन मिले हैं। जबकि पहली बोर्ड परीक्षा जो मार्च 2024 में हुई थी उसमें करीब छह लाख छात्र शामिल हुए थे। द्वितीय परीक्षा में फेल, पुरक के अलावा वे छात्र जो पास हो चुके हैं, उन्होंने भी श्रेणी सुधार के लिए आवेदन किया है। 23 जुलाई से परीक्षा शुरू होगी। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा तैयारी की जा रही है।



दसवीं-बारहवीं सीजी बोर्ड की द्वितीय परीक्षा 23 जुलाई से शुरू होगी। इसके आवेदन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। द्वितीय परीक्षा के तहत बारहवीं की परीक्षा 23 जुलाई से 12 अगस्त तक होगी। जबकि दसवीं की परीक्षा 24 जुलाई से 8 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ बोर्ड के तहत अब हर साल दो बार बोर्ड परीक्षा होगी। फरवरी-मार्च प्रथम और जून-जुलाई में द्वितीय मुख्य परीक्षा होगी। साल में दो बार परीक्षा होने से फेल, पूरक छात्र को भी एक मौका मिलेगा, साथ ही जो पास हो चुके हैं उन्हें श्रेणी सुधार के लिए परीक्षा के जरिये उसी साल एक और मौका मिल सकेगा। नई शिक्षा नीति के तहत शुरू की गई इस योजना को लेकर स्कूल प्रबंधन भी उत्साहित है।



सीजी बोर्ड के तहत दसवीं-बारहवीं में अब पूरक परीक्षा नहीं होगी। हर साल द्वितीय मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया पिछले दिनों शुरू हुई थी। विलंब शुल्क के साथ आवेदन की तारीख 2 जुलाई को समाप्त हो गई है। द्वितीय परीक्षा के लिए दो लाख से अधिक आवेदन का अनुमान था। लेकिन इसकी तुलना में काफी कम आवेदन आए हैं। दरअसल, सीजी बोर्ड की प्रथम परीक्षा में करीब 6 लाख छात्र थे। दसवीं-बारहवीं की दोनों परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक छात्र पास हुए थे। जबकि 1 लाख 32 हजार 708 छात्र पूरक और फेल हुए थे। द्वितीय बोर्ड में फेल और पूरक के अलावा श्रेणी सुधार के लिए पास हुए छात्र आवेदन कर सकते थे। इस तरह से पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल सभी छात्र इस परीक्षा के लिए पात्र थे, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में छात्रों ने आवेदन ही नहीं किया। जो छात्र फेल या पूरक थे, उनमें से भी कई ने फार्म नहीं भरा। जो छात्र पहले परीक्षा के अंकों से नाखुश हैं वे भी श्रेणी सुधार के लिए द्वितीय परीक्षा दे सकते हैं। एक विषय, दो विषय या इससे अधिक विषय में वे शामिल होने के पात्र हैं। द्वितीय परीक्षा में नंबर बढ़ते हैं तो इसके अनुसार रिजल्ट जारी होगा। अंकों में सुधार नहीं होने पर प्रथम परीक्षा की अंकसूची ही मान्य होगी। इस वजह से कई पास हुए छात्रों ने द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन किया है, हालांकि इनकी संख्या कम है।





