मस्तूरी ब्लाक के ग्राम गतौरा में इन दिनों गाँव के जनप्रतिनिधि के साँठगाँठ से खुलेआम चिल्फी पत्थर की खुदाई की जा रही है। लेकिन इन्हें रोकने वाला खनिज महकमा इस ओर अपनी आँखें मुद्दे हुए है। जिसका फायदा माफिया उठा रहा है।

जिले मे जगह जगह अवैध उत्खनन जोरो पर चल रहा है, ऐसा नही हैं कि इसकी जानकारी खनिज विभाग के आला अधिकारियों को नही है लेकिन छोटी मोटी कार्यवाही कर अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे है। बरसात में प्रतिबंध के बावजूद राजनीतिक रसूख रखने वाले लोग ही इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे हैं। जिले का खनिज विभाग अवैध उत्खनन रोकने कोरम पूरा करने वाली कार्रवाइयों को दिखाकर अपनी पीठ थपथपा रहा हैं.. लेकिन माफियाओं को रोकने में अब तक सफल नहीं हो पाया हैं.. जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर ग्राम पंचायत गतौरा है जहाँ बरसात के प्रतिबंध के बाद भी देवपहरी में खुलेआम चिल्फी पत्थर का उत्खनन बड़े पैमाने में किया जा रहा है।



हाइवा और टैक्टर में रोजाना यहाँ से खनिज संपदा भरकर कर अलग अलग जगहों में खपाया जाता है, सूत्रों की माने तो गाँव के सरपंच की इसमे मिलीभगत है। इसके अलावा खनिज विभाग के कुछ सिपाही भी इस कार्य मे संलिप्त है। जनप्रतिनिधियों समेत सत्ता से जुड़े नेताओ के संरक्षण मे गोरखधंधा फल फूल रहा है। इस कारण विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।


