राजस्व प्रकरणों के निराकरण करने की सरकार की मंशा पर एक और रोड़ा आ गया है। एक तरफ जहां शनिवार से ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व शिविर आयोजित करने की तैयारी चल रही हैं तो वहीं दूसरी ओर राजस्य मामलों की रीढ़ माने जाने वाले पटवारियों ने 32 मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया है।

राजस्व पटवारी संघ अपनी 32 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर हैं। मुंगेली नाका के ग्रीन गार्डन पर जिले भर के पटवारी ने अनिश्चितकालीन धरना दे दिया है और अपनी 32 सूत्रीय मांगों से सरकार को भी अवगत करा दिया है। राजस्व पटवारी संघ के मुताबिक विभिन्न लंबित मांगों को सरकार के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे मजबूरन आंदोलन पर जाना पड़ रहा है।

गौरतलब हैं कि संघ के प्रमुख मांगों में ऑनलाइन के लिए लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, इंटरनेट आदि की व्यवस्था किए जाने, ऑनलाइन नक्शा, बंटाकन का संशोधन पहले पटवारी का आईडी से किया जाता था, अब इसे लंबा प्रोसेस कर दिया गया है। जिला स्तर के प्रोग्राम की नियुक्ति किया जाए। जिला स्तर पर नहीं होने से बार-बार रायपुर बुलाया जाता है,पटवारियों के संगठन राजस्व पटवारी संघ ने प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को छह पेज का एक ज्ञापन भेजकर 32 सूत्रीय मांगें सामने रखी हैं। संघ का कहना है कि पटवारी भुईयां साफ्टवेयर में आ रही दिक्कत से परेशान हैं।
अगर सरकार ये परेशानी दूर नहीं करती है, तो पटवारी का पद ही समाप्त कर दिया जाए। संघ का कहना है कि जो मांगे रखी गई है वे सभी विगत कई वर्षों से लंबित मांगें हैं।


