डायरिया को लेकर ग्रामीण क्षेत्र संवेदनशील बना हुआ हैं। बीते बुधवार को बिल्हा ब्लाक के ग्राम नेवसा की 19 वर्षीय युवती और ग्राम मदनपुर निवासी 45 वर्षीय युवक की मौत डायरिया से हो गई। उल्टी, दस्त की वजह से दोनों की हालत खराब हुई थी। रतनपुर में पिछले सप्ताह भर से डायरिया के मरीज मिल रहे हैं। खासतौर से रतनपुर का महामाया पारा, करैहा पारा के साथ अन्य मोहल्ले में डायरिया का प्रकोप है।

बीते दिनो जिले में डायरिया से दो मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मौजूदा समय में रतनपुर के महामाया पारा में हालत बिगड़ी है, यहां के 25 मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती है। हालांकि मौके पर शिविर लगाया गया है, जहां पर लगातार उल्टी, दस्त के मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। गौरतलब है कि यह तो पुष्टि हो चुकी है कि ज्यादातर जगहों पर दूषित पानी की वजह से डायरिया फैला है। लंबे समय से यहां के लोग दूषित पानी ही पी रहे हैं। ऐसे में पानी साफ करने के लिए शिविर में क्लोरीन टेबलेट का वितरण किया जा रहा है, ताकि लोग पानी में क्लोरीन डालकर उसे साफ कर सकें। इसके साथ ही लोगों को पानी उबालकर पीने की हिदायत दी जा रही है। ऐसा करने से हानिकारक कीटाणु खत्म हो जाते हैं और पानी साफ हो जाता है। सीएमएचओ ने कहा कि डायरिया प्रभावित क्षेत्र के लोगों को बाहर के भोजन का सेवन ना करने, साफ एवं स्वच्छ पानी का सेवन करने, हो सके तो पानी को उबालकर पिने, उल्टी, दस्त की समस्या हो तो तत्काल डाक्टर से परामर्श लेने और गंदगी वाली जगहों से बचके रहने एवं साफ-सफाई पर ध्यान देने उचित सलाह दी जा रही है।

सीएमएचओ ने कहा कि पानी दूषित होने की आशंका से प्रभावित क्षेत्र के बोर, नल आदि से पानी का सैंपल लिया गया है। उसे जांच के लिए भेजा गया है। इससे यह पता चल पाएगा कि यह किसकी वजह से फैला है। जिन क्षेत्रों में भी डायरिया के मरीज मिल रहे हैं, वहां के सभी मरीजों का दूषित पानी की वजह से बीमार होना पाया गया है। प्रभावित क्षेत्र के बोर, हैंडपंप के पानी के नमूने लिए गए हैं।सीएमएचओ ने बीते दिन डायरिया के चलते हुए मौत के मामले में बताया कि उन्हें सन्देह था कि बिल्हा निवासी डायरिया पीड़ित महिला ने झोलाछाप डॉक्टर के यहां उपचार कराया था इसलिए आशंका जताई जा रही थी कि उसकी मौत हुई है। लेकिन जब पीएम हुआ तब जाकर पता चला कि मृतका को डायरिया था जो काफी गंभीर था इसलिए उसकी मौत हुई है। सीएमएचओ ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया जैसे अन्य बीमारियों के नियंत्रण के लिए मितानिनों के साथ मिलकर डोर टू डोर कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा रतनपुर, बिल्हा सहित अन्य चिन्हांकित स्थानों में रोजना स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर जायजा लिया जायेगा। सीएमएचओ ने कहा कि उनके इस मुहिम से निश्चित ही डायरिया पर अंकुश लगेगा।

हर साल बरसात में नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत की लापरवाही के चलते ही जिले में डायरिया का प्रकोप बढ़ जाता है। शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचलों में भी लगातार मरीजों के मिलने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस साल भी हल्के बरसात के साथ जिले के कई क्षेत्रों में डायरिया ने पांव पसारना शुरू के दिया है। हालांकि हर बार डायरिया फैलने के पीछे का मुख्य वजह दूषित पानी के सेवन को ही बताया जाता है। इस बार भी जिन क्षेत्रों में डायरिया फैला है वो दूषित पानी की वजह से फैला है। इसकी पुष्टि मरीजों की जांच में चिकित्सक कर चुके हैं। ऐसे में स्वास्थ्य महकमा प्रभावित क्षेत्रों में डटा हुआ है और मिलने वाले मरीजों का इलाज कर रहे हैं। यदि डायरिया रोकने जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो यह और भी तेज गति से बढ़ सकता है।


