केंद्रीय जेल के सजा याफ्ता दो बंदियों को बीते वर्ष 2023 में पैरोल पर छोड़ा गया था। दोनों का हाल मुकाम रायगढ़ जिला था। इसलिए उन्हें आगामी आदेश तक पैरोल खत्म होते ही केंद्रीय जेल आने की बात पर जेल से रवाना किया गया था। हालांकि इस मामले को भी 1 साल हो गया और जब केंद्रीय जेल ने रायगढ़ जिले के सम्बन्धित थाने को पत्र लिखकर शिकायत की तो रायगढ़ के थाने में एफआईआर दर्ज नही किया गया। इस तरह एक साल से गहरी नींद में सो रहे लापरवाह गैरजिम्मेदार बिलासपुर केंद्रीय जेल प्रबंधन की नींद खुलते ही उन्होंने फरार बंदियों के खिलाफ एफआईआर कराने अब थाना सिविल लाइन का दरवाजा खटखटाया।

हालांकि दोनों के खिलाफ अलग अलग एफआईआर होनी थी लेकिन लापरवाह जेल प्रबंधन के द्वारा दोनों फरार बंदियों की शिकायत एक ही आवेदन पर थाना सिविल लाइन भेज दिया गया। इससे नाराज सिविल लाइन प्रभारी ने केंद्रीय जेल प्रबंधन को दोनों बंदियों का अलग अलग शिकायत पत्र थाने लाकर एफआईआर दर्ज कराने कहा। इस सम्बंध में जी न्यूज ने जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी से सम्पर्क किया लेकिन उन्होंने मामला साल भर पुराना है, इसमे कोई अपडेट होने पर जानकारी देने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ दिया गया।



