बिलासपुर जिले के कलेक्टर अवनीश शरण प्रेस क्लब में आयोजित हमर पहुना कार्यक्रम में पहुना बनाकर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपने निजी जीवन से जुड़े अतीत के पन्नों को खोलते हुए बिलासपुर की उपलब्धियो और आवश्यकताओं पर चर्चा की।

आईएएस ऑफिसर कलेक्टर अवनीश शरण आज किसी नाम का मोहताज नहीं है अपने स्टडी लाइफ में भले ही इन्हें अच्छे अंक हासिल नहीं हुये लेकिन यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा में इन्होंने देश में 77 वां रैंक हासिल किया है। बिलासपुर प्रेस क्लब के लिए शनिवार का दिन बेहद ही खास रहा क्योंकि प्रेस क्लब के द्वारा आयोजित हमर पहुना कार्यक्रम में बिलासपुर जिले के कलेक्टर अवनीश शरण पहुना बनकर पहुंचे। प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्तालाप करते हुए कलेक्टर अवनीश शरण ने बताया कि किस तरह से वे अपने जीवन में कठिन संघर्ष और मेहनत करते हुए आईएएस ऑफिसर बने और फिर कलेक्टर बन कर हर वह मुकाम हासिल किया जिसका उन्होंने सपना देखा था। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उन पर भरोसा जताते हुए विधानसभा के पहले ही उनके पद स्थापना बिलासपुर जिले में की। इस तरह उन्होंने भारत निर्वाचन के भरोसे पर खरा उतरते हुए विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव भी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया। कलेक्टर ने अपने जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 11 साल पहले 13 जुलाई को ही उनका विवाह हुआ था और आज के दिन ही वैवाहिक वर्षगांठ भी है। कलेक्टर ने कहा कि बिलासपुर से उनका पुराना लगाव है क्योंकि उन्होंने प्रोबेशन अफसर के रूप में भी बिलासपुर से ही शुरुआत किया था, उसके बाद वे सोनमणि बोरा के कलेक्टर के कार्यकाल में बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर रह चुके हैं। इस तरह वे कलेक्टर के रूप में तीसरी बार बिलासपुर में फिर से वापस लौटे। उन्हें कलेक्टर के रूप में बलरामपुर जिले में पहली पोस्टिंग मिली। कलेक्टर ने कहा कि बिलासपुर की एक खासियत यह है कि यहां सभी को जबरदस्त प्यार और आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने बिलासपुर के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों का भी नाम लिया और कहा कि उनके वरिष्ठ पत्रकारों के साथ उनका पुराना ताल्लुकात भी है। कलेक्टर ने कहा कि उनके पिताजी भी हिंदुस्तान टाइम्स में पत्रकारिता कर चुके हैं। उनके पिता राष्ट्रीय आंदोलन को लेकर उन्होंने कहानी लिखी और छपी भी, अब वे नए स्टोरी पर काम कर रहे है… अभी भी वे कई प्रकार के रिसर्च कर पढ़ाई कर रहे हैं, खुद से कहानी लिखकर टाइपिंग भी करते है। कलेक्टर ने कहा कि आज के दौर में इतना ज्यादा कंपटीशन हो गया है कि बच्चे 93 अंक हासिल करके भी असंतुष्ट हैं हालांकि उनके समय में बच्चे 43- 44 अंक प्रतिशत अंक हासिल करके भी संतुष्ट रहते थे। स्वयं वे खुद अपने शैक्षिक जीवन के दौरान केवल 44 फीसदी अंक ही हासिल कर पाए थे फिर भी उनके माता-पिता उनके इस रिजल्ट से काफी संतुष्ट थे।

पत्रकारों के सवालो के जवाब में कलेक्टर ने कहा कि बिलासपुर शहर के लिए सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक व्यवस्था सुगम बनाना है। कलेक्टर में यह भी कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि शहर में ट्रैफिक की समस्या है तो आउटर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं की भी गंभीर समस्या है। जिस पर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए चिन्हांकित शहर के चारों तरफ नगर निगम की ओर से कार्रवाई की जा रही है। इसी तरह आइटीएमएस के जरिए भी रोजाना यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। बावजूद उसके ना तो अतिक्रमण फैलाने वालों में कोई सुधार आ रहा है और ना ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले राहगीरों में कोई बदलाव नजर आ रहा है, हालांकि इस पर बे मंथन कर रहे हैं। जल्द ही सभी पर सख्ती से कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि भले ही बिलासपुर जिले में शहर और जिले के विस्तार के अनुरूप सड़क बिजली पानी की समस्या बनी हुई है लेकिन अगर 10 साल पहले की बात की जाए तो बिलासपुर जिले में काफी कुछ बदलाव भी हुआ है। जैसे पूर्व में बिलासपुर शहर से लगे आसपास के इलाके नगर पंचायत और ग्राम पंचायत में आया करते थे आज वे सभी क्षेत्र नगर निगम में शामिल हो गए हैं। इसी तरह आज बिलासपुर में 70 नगर निगम वार्ड और 10 जोन भी बनाए गए हैं।इसलिए धीरे-धीरे ही सही लेकिन मूलभूत सुविधाओं को लेकर काम किया जा रहा है।

कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा कि हम बिलासपुर को विदेश से तो तुलना नहीं कर सकते लेकिन छत्तीसगढ़ में बात की जाए तो बिलासपुर में रेल कनेक्टिविटी और नेशनल हाईवे सड़कों की कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है। इसी तरह पत्रकारों ने सवाल जवाब में शहर में चारों तरफ मवेशियों के जमावड़े को लेकर भी गंभीर समस्या कलेक्टर के समक्ष जाहिर की। जिस पर कलेक्टर ने कहा की शहर में बारिश के समय मवेशियों की समस्या बढ़ जाती है, सभी मवेशी सूखे के चलते सड़कों के बीच मे बैठ जाते है।हालांकि उच्च न्यायालय और मुख्य सचिव के निर्देश पर शहर के स्लम क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल योजना की शुरुआत कर रहे है। जहां डॉक्टर, जनपद सदस्य सहित अन्य लोग बैठकर मवेशी पालन करने वालों को जागरूक करेंगे। बावजूद इसके अगर मवेशी पालन करने वालों में जागरूकता का आभाव रहा तो जिला प्रशासन की ओर से गौशाला में भी इन्हें रखने की व्यवस्था की जाएगी, जैसा वर्तमान में किया जा रहा है। कलेक्टर ने शिक्षा से जुड़ी अहम जानकारी देते हुए कहा कि जब वे बलरामपुर जिले में कलेक्टर थे उसे समय अपनी साढ़े 5 वर्षी बेटी को सरकारी स्कूल में ही उसका दाखिला करवाया था, इसलिए उनकी बच्ची वर्तमान में काफी संवेदनशील और विनम्र है और वह स्कूल कभी भी मिस नहीं करती है ।उन्होंने आव्हान किया कि सभी कम उम्र में बच्चों को सरकारी स्कूल में ही दाखिला कराएं ताकि बच्चे अपने मन मे किसी को लेकर उच्च नीच का फर्क ना रखे। सबको एक समान ही देखे। कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन के योजना के तहत अब तो जल्द ही सरकारी स्कूलों में मातृ भाषा मे पढाई होगी।

कलेक्टर ने आगे कहा कि बिलासपुर में जल्द ही चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार नजर आएगा। कल तक सिम्स कोई जाना पसंद नही करता था लेकिन वर्तमान में वहां की व्यवस्थाओं में जब से सुधार हुआ बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए सिम्स पहुंचते है।इसी तरह बिलासपुर जिले में जल्द ही सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, केंसर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल जैसी सुविधाएं शुरू होंगी।इस तरह जिले में चिकित्सालय के क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार होगा। कलेक्टर ने कहा कि रतनपुर क्षेत्र में वर्तमान में डायरिया ने पाँव पसारा है। वे खुद वहां जाकर क्षेत्र का निरीक्षण किये। खान पान के विषय मे जब उन्होंने क्षेत्रवासियों से चर्चा की तो उन्हें लोगों ने कहा कि वे गर्म और ताजा भोजन के साथ पानी गुनगुना करके पीते है। जिस पर कलेक्टर ने उन्हें बताया कि पानी केवल गुनगुना करके नही पीना है बल्कि पानी को अच्छे से उबालना है फिर गुनगुना करके पीना है यही सही तरीका है। अंत में कलेक्टर ने कहा कि अगर हम अपने लाइफ में अनुशासन का पालन करें तो हमारे जीवन से तमाम समस्याएं कम हो जाएगी, यही उन्होंने आमजनो से भी अपेक्षाएं की।

फिलहाल हमर पहुना कार्यक्रम में बिलासपुर प्रेस क्लब पहुंचे कलेक्टर अवनीश शरण ने पत्रकारों से वार्तालाप कर विकास से लेकर विकास से जुड़ी हर महती योजनाओं पर प्रकाश डाला। इतना ही नही उन्होंने केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार के तमाम योजनाओं का भी क्रियान्वयन कर दूर दराज तक योजनाओं को पहुंचाने के साथ उसपर जनजागरूकता अभियान चलाने की बात कही। इस दौरान प्रेस क्लब के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में दैनिक अखबार, न्यूज़ चैनल और वेबपोर्टल के पत्रकार मौजूद रहे।कार्यक्रम के समाप्ति के दौरान प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को शॉल, श्रीफल और मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया।


