गुप्त नवरात्रि की महानवमी तिथि पर श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर सरकंडा में कन्या पूजन का आयोजन किया गया। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के अवसर पर श्री पीतांबरा पीठ में देवी भगवती बगलामुखी देवी की उपासना विधि विधान से की गई। यहां पीतांबरा हवनात्मक महायज्ञ में 21 हजार आहुतियां अर्पित की गई। नवमी को कमला देवी के रूप में मां बगलामुखी देवी का विशेष पूजन, श्रृंगार किया गया, तो वहीं कमला देवी के रूप में ही छोटी-छोटी कन्याओं का भी पूजन किया। उन्हें दक्षिणा प्रदान करते हुए भोजन कराया गया।

इस अवसर पर मंदिर में ब्राह्मण भोज का भी आयोजन किया गया, तो वहीं भंडारे में भक्तों ने भी प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर के आचार्य डॉ दिनेश चंद्र जी महाराज ने बताया कि दसवीं महाविद्या में मां कमला को भाग्य, सम्मान, पवित्रता और परोपकार की देवी माना जाता है। गुप्त नवरात्रि में मां कमला की पूजा करने से कौशल विकास और गुणवत्ता में बढ़ोतरी होती है। मां भक्तों को धन और ऐश्वर्य का वरदान देती है। खासकर गर्भवती महिलाओं को मां कमला की पूजा करनी चाहिए।





