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धूमा स्थित भाटिया वाइन फैक्ट्री से निकले केमिकल युक्त पानी से शिवनाथ नदी में लाखों की संख्या में हुई मछलियों की मौत।

मुंगेली जिले के सरगांव क्षेत्र स्थित शिवनाथ नदी में अचानक लाखों संख्या में मरी हुई मछलियां नदी के ऊपर तैरने लगी। आरोप लगाया जा रहा है कि धूमा में स्थित भाटिया वाइन फैक्ट्री से निकले केमिकल युक्त पानी की वजह से हो रही प्रदूषण के चलते इन मछलियों की मौत हुई है।

सरगांव क्षेत्र के धूमा से गुजरने वाली शिवनाथ नदी के पानी में अचानक लाखों की संख्या में मरी हुई मछलियां पाई गई। यह मछलियां पानी के ऊपर तैरने लगी। ग्रामीणों का आरोप है कि सिर्फ मछलियां ही नहीं इस नदी का पानी पीकर 15 गायों की भी मौत हो चुकी है। ग्राम पंचायत सावतपुर में इस घटना से दहशत का वातावरण है। दरअसल यहां संचालित भाटिया शराब फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी से हुए प्रदूषण के चलते नदी का पानी जहरीला होने का आरोप लग रहा है। आरोप है कि इसी वजह से मछलियों की मौत हुई है। इस संबंध में कुछ समय पहले पथरिया एसडीएम ने भाटिया शराब फैक्ट्री के प्रबंधक को नोटिस भी जारी किया था, जिसमें शराब फैक्ट्री के दूषित पानी को नदी में छोड़ने से जलीय जीवों के लिए खतरा बताते हुए ऐसा करने से मना किया गया था। साथ ही पर्यावरण बोर्ड को पत्र लिखकर जांच की बात भी कही गई है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से नदी के पानी का रंग अचानक बदला- बदला नजर आने लगा। लोगों को लगा कि बारिश के चलते ऐसा हुआ होगा लेकिन इसके बाद नदी में मछलियां मरने लगी और देखते ही देखते तट पर लाखों की संख्या में मृत मछलिया मिली। सरगांव क्षेत्र से एकमात्र गुजरने वाली शिव नाथ नदी पर हजारों ग्रामवासी आश्रित है, जिसका उपयोग वे निस्तारी और पीने के लिए भी करते हैं। फिलहाल प्रदूषण के चलते बड़ी संख्या में मछलियों के मरने से हर तरफ दुर्गंध फैल चुका है, इसलिए अब ग्रामीण पीने की बात तो दूर, इसका निस्तारी में भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन ने भी नदी किनारे बसे गांव में मुनादी कराकर नदी से मछली पकड़ने और इसे खाने से मना कर दिया है। साथ ही इस नदी के पानी का उपयोग न करने की भी सलाह दी गई है। दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि नदी में मौजूदा प्रदूषण के चलते 15 गायों की भी मौत हो चुकी है। यहां रहने वाले ज्यादातर ग्रामीण मछुआरे हैं, जो नदी से मछलियां पड़कर अपना जीवन यापन करते हैं, लेकिन इस घटना से उनके रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है ।कलेक्टर ने भरोसा दिलाया है कि मामले में जांच टीम गठित की गई है और जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वैसे यह कोई पहला मामला नहीं है, यहां संचालित भाटिया शराब फेक्ट्री से निकलने वाले प्रदूषण से आसपास, खासकर नदी के प्रदूषित होने की बात हमेशा सामने आती रही है। इसे लेकर कोई ठोस कम ना उठाए जाने के चलते ही इतनी बड़ी घटना हुई है।

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