सरकार द्वारा कराए जा रहे परिसीमन का कांग्रेसी विरोध कर रहे हैं, परिसीमन का विरोध करने दावा आपत्ती लगाई जाएगी, इसके लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने समिति बनाई है, समिति जांच करेगी की कहां गलत हुआ है या भेदभाव हुआ है, इसके बाद दावा आपत्ती लगाई जाएगी, इसके लिए शनिवार को कमेटी के सभी सदस्य कांग्रेस भवन में मौजूद रहे और दावा आपत्ति लेते रहे। कांग्रेसियों का कहना है कि परिसीमन में सुधार नहीं हुआ तो हाई कोर्ट का रास्ता अख्तियार करेंगे।

परिसीमन की जांच के लिए बनाई गई कांग्रेस समिति के सभी सदस्य शनिवार को कांग्रेस भवन में कार्यकर्ताओं से दावा आपत्ती लेते रहे। इसमें जिन वार्डों को विलोपित कर दिया गया है, जिन वार्डों में मतदाता संख्या असामान्य रखा गया है, जिन वार्डों के भौगोलिक क्षेत्र का ध्यान नहीं रखा गया है, जिन वार्डों को पहले तोड़ा गया फिर उसे वार्ड में अन्य वार्डों के हिस्से को जोड़ा गया, ऐसे अव्यावहारिक परिसीमन के लिए आपत्ति दर्ज की जा रही हैं। समिति का निर्देश हैं कि इसके लिए वार्ड का कांग्रेस पार्षद प्रत्याशी या कोई भी अपना आवेदन कांग्रेस भवन में महापौर रामचरण यादव के पास जमा कर सकता है। इस दौरान महापौर रामशरण यादव ने कहा कि जिस तरह से परिसीमन किया गया है उससे उस वार्ड के विकास को जानबूझकर विभाजित करने का षड्यंत्र है, उन्होंने कहा दावा आपत्ति के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो हाई कोर्ट जाएंगे।



विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव हार चुके कांग्रेसियों के पास विरोध करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। कांग्रेसियों का कहना है कि बिलासपुर नगर निगम का परिसीमन 2019 में शासन द्वारा करवाया गया था, क्योंकि नगर निगम की नई सीमा बनी थी।जिसमें की 18 ने निकायों को जोड़ा गया था। इसमें 15 ग्रामीण निकाय और तीन नगरीय निकाय शामिल थे. क्योंकि नगर निगम की जनसंख्या बी श्रेणी की बनानी थी, अब एक बार परिसीमन हो चुका है तो अभी इसकी जरूरत नहीं थी क्योंकि वार्ड की जनता को फिर से सीमा विभाजन और नए पार्षद और नया वार्ड के लिए परेशानी होगी। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेताओं और मंत्री की शह पर भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए परिसीमन किया गया है। महिला कांग्रेसियों ने भी परिसीमन का विरोध करते हुए दावा आपत्ति लगाने की बात कही है, उन्होंने कहा यह परिसीमन नियम विरुद्ध है।

कांग्रेसियों का कहना है कि भाजपा सरकार सभी वार्डों में मतदाताओं की संख्या समरूप हो और भौगोलिक असमानता ना हो इन दो प्रमुख कारणों से परिसीमन कर रही है, शहर के कई वार्डो का अस्तित्व ही नष्ट हो गया। यही नहीं जिन वार्डों में मतदाता 7 से 8000 थे वहां मतदाताओं की संख्या 10,000 से ऊपर कर दी गई है, तो वार्ड 69 में मतदाताओ की संख्या 14000 से ऊपर चली गई है, हालांकि भाजपाइयों ने इसे सही बताते हुए बताया है कि कांग्रेसियों को जनमत नहीं मिला है इसलिए वे बौखलाए नजर आ रहे हैं और शासन की हर एक नीति योजनाओं को मुद्दा बनाकर विरोध कर रहे हैं। हालांकि जानकारों के अनुसार यह परिसीमन वर्तमान समय के लिए उपयुक्त है। चूंकि कांग्रेसियों को विरोध करना है इसलिए वे विरोध कर रहे हैं।


