बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की ओर से शुरू की गई चेतना के दूसरे चरण का गुरुवार की शाम समापन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि चेतना के प्रथम चरण की तरह द्वितीय चरण जो साइबर फ्रॉड पर आधारित था, इसे शहरवासियों से लेकर अलग अलग संगठन के लोगों का जबरदस्त रिस्पांस मिला।

बिलासपुर जिले की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही एसपी रजनेश सिंह ने चेतना एक अभिनव योजना की शुरुआत की थी।चेतना के प्रथम चरण में यातायात के क्षेत्र में जन जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं चेतना के दूसरे चरण में समाज की सबसे गंभीर समस्या साइबर फ्रॉड पर जन जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया था। इस दौरान इस मुहिम में तमाम समिति, समूह, संगठन के साथ-साथ स्कूल कॉलेज के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं खासकर इस कार्यक्रम को चोटी स्तर तक पहुंचाने में बेटियों का विशेष योगदान रहा। ब्रह्माकुमारी की बहनों के द्वारा 74 से ज्यादा जन जागरूकता के कार्यक्रम शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए गए।

इसके अलावा अन्य संस्थाओं ने भी विभिन्न स्कूलों में कॉलेज में बाजार में सार्वजनिक स्थानों पर जैसे अस्पतालों एवं निजी और शासकीय कार्यालयों में आयोजित किया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि बिलासपुर की एक बेटी डॉक्टर सुषमा पण्डया चेतना का ध्वज लेकर बुलेट मोटरसाइकिल से बिलासपुर से सड़क मार्ग होते हुए सड़क मार्ग की सबसे ऊंची चोटी 19 हजार 24 फिट की ऊंचाई पर पहुंचीं, वहां चेतना अतुलनीय पहल का झंडा गाड़ा। इस दौरान पूरे मार्ग में चेतना की चर्चा करते हुए लद्दाख पहुंचकर वहां के निवासियों के साथ-साथ विदेशी सैलानियों से भी चेतना के संबंध में विचार साझा किया, जो चर्चा का विषय रहा।कार्यक्रम में इस क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले 10 समाजसेवी संस्थाओं को पुलिस पब्लिक पार्टिसिपेंट का पदक भी दिया गया।

चेतना के दूसरे चरण के समापन के दौरान पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने घोषणा किया कि अब चेतना के तीसरे चरण का आगाज अगस्त में किया जायेगा जो महिलाओं एवं बच्चों पर घटित अपराध पर आधारित होगा। ट्रैफिक एएसपी नीरज चंद्राकर ने भी सभी समूह को चेतना कार्यक्रम के प्रति विशेष सहयोग देने धन्यवाद ज्ञापित किया। बिलासागुड़ी में कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के साथ शहरवासियों और पुलिस के आईपीएस अफसर, राजपत्रित अधिकारी और थानेदारों के साथ पुलिस के स्टाफ मौजूद रहे।





