तखतपुर क्षेत्र के धार्मिक स्थल बेलपान में हर वर्ष सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि प्राचीन काल में यही से नर्मदा नदी का उद्गम हुआ था, इसलिए आज भी यहां नर्मदा कुंड मौजूद है। पहले इसी नर्मदा कुंड के जल से भोले भंडारी का अभिषेक किया जाता था लेकिन विगत कुछ वर्षों में आसपास बेहिसाब बोरवेल के उत्खनन और प्रशासन की उदासीनता के चलते नर्मदा का यह पवित्र कुंड सूख चुका है।



जिस कारण दूर-दूर से आने वाले भक्त निराश हो रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का भी मानना है कि बेलपान क्षेत्र के आसपास नलकूप के अंधाधुंध खनन के कारण ही नर्मदा का प्राकृतिक जल स्रोत कमजोर हो चुका है और यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों से यहां जलाभिषेक के लिए भी कुंड से जल प्राप्त नहीं हो रहा है। इस वर्ष भी सावन लगते ही हजारों की संख्या में शिव भक्त बेलपान पहुंच रहे हैं लेकिन नर्मदा कुंड में जल न होने से उनमें भी निराशा देखी जा रही है।



