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श्री चैतन्य स्कूल के खिलाफ जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एन एस यू आई ने जांच अधिकारी को बनाया बंधक।

बिलासपुर जिला शिक्षा विभाग की अब तक की सबसे बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार सामने आई है। दरअसल शिक्षा विभाग पर आरोप है कि बाहरी राज्य के श्री चैतन्य स्कूल को बिलासपुर जिले में खुलकर धड़ल्ले से दुकानदारी करने दिया जा रहा है। स्कूल को मान्यता सीजी बोर्ड का दिया गया है और स्कूल द्वारा सीबीएसई की पढ़ाई कराई जा रही है। इससे नाराज एनएसयूआई ने जिला शिक्षा विभाग पहुंचकर शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को बंधक बना लिया।

एनएसयूआई की ओर से शिक्षा विभाग को बिलासपुर में फर्जी तरीके से चल रही श्री चैतन्य स्कूल के खिलाफ जांच कर कार्यवाही की मांग की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू की ओर से इस पूरे मामले की जांच के लिए अधिकारी लेवल पर दो सदस्यीय टीम का भी गठन किया था लेकिन एक महीने से अधिक हो गए हैं। अब तक जांच अधूरी है। इससे गुस्साए एनएसयूआई ने डीईओ की अनुपस्थिति में जांच अधिकारी को बंधक बना लिया।एनएसयूआई के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षा विभाग को उन्होंने पूरे सबूत इकट्ठा करके प्रस्तुत कर दी है। बावजूद इसके मामले में खानापूर्ति की जा रही है।

एनएसयूआई के मुताबिक जांच टीम श्री चैतन्य स्कूल पहुंची जरूर थी, लेकिन टीम स्कूल से अपना जेब गर्म कर चलती बनी। श्री चैतन्य पर आरोप है कि उन्हें कक्षा नवमीं तक सीजीबोर्ड ने स्कूल चलाने मान्यता दिया है लेकिन श्री चैतन्य स्कूल द्वारा नियमो को ताक में रखकर सीबीएसई कोर्स के जरिये बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। इतना ही नही स्कूल के द्वारा दुकानदारी करते हुए स्कूल से ही कपड़े, कॉपी किताब सहित तमाम शिक्षा से जुड़े सामग्रियों का विक्रय भी किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला रायपुर में भी आया था जहां दो श्री चैतन्य स्कूल को फर्जी पाने पर रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल में तालाबंदी की कार्यवाही कर स्कूल को बन्द करवा दिया था लेकिन यहां के अधिकारी स्कूल से सांठगांठ कर अपनी झोली भर रहे है। इससे आक्रोशित एनएसयूआई ने शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीईओ से मिलने की मांग पर जांच अधिकारी को बंधक बना लिया और कहा जबतक शासन,पुलिस और प्रशासन ना आ जाये वे लोग जांच अधिकारी को नही छोड़ेंगे।

जानकारी मिल रही है कि जांच अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट भी तैयार कर ली है।जिसकी जानकारी लेने, जांच कितने बिंदुओं पर हुई है और श्री चैतन्य स्कूल पर क्या कार्यवाही होगी उसकी जानकारी लेने शिकायतकर्ता एनएसयूआई के पदाधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे लेकिन डीईओ की अनुपस्थिति में एनएसयूआई ने डीईओ का लम्बे समय तक इन्तेजार किया। डीईओ नही पहुंचे तो एनएसयूआई के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शिक्षा विभाग के समग्र अधिकारी चंद्रभान सिंह ठाकुर को बंधक बनाकर अपने पास बैठा लिया। शिक्षा अधिकारी कार्यालय में यह चर्चा है कि एनएसयूआई ने जिस तरीके से अधिकारी को बंधक बनाया है उनका यह तरीका गलत है। लेकिन यह भी चर्चा है कि
जिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गुरु का दर्जा दिया जाता है अगर उनके द्वारा ही ऐसी घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाएगा तो ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के लिए किसी ना किसी को तो गब्बर बनना ही होगा। ताकि श्री चैतन्य स्कूल जैसे अन्य स्कूलों को इस तरह छूट न मिल सके।

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