बिलासपुर जोनल स्टेशन में यात्रियों की सुरक्षा में तैनात जीआरपी पुलिस अपने थाने में खुद असुरक्षित महसूस कर रही है। दरअसल ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि लगातार हो रही बारिश के चलते वर्षो पुराने जीआरपी थाने के प्रभारी और सीसीटीएनएस कक्ष के छत का प्लाटर भरभरा कर गिर गया। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त भले ही प्रभारी अपने दफ्तर में नही थे लेकिन हमेशा की तरह जीआरपी के जवान सीसीटीएनएस में ऑनलाइन अपराध दर्ज कर रहे थे। जैसे ही छत का प्लास्टर उखड़कर सीसीटीएनएस में ऑनलाइन अपलोड कर रहे आरक्षक के बगल में गिरा वे हड़बड़ा कर सीसीटीएनएस कक्ष से भागकर बाहर निकल गये।हालांकि यहां केवल प्लास्टर उखड़कर गिरा इसलिए बड़ी अनहोनी नही हुई।बताया जा रहा है जब से छत का प्लास्टर उखड़कर सीसीटीएनएस कक्ष में गिरा है तब से सीसीटीएनएस और प्रभारी के दफ्तर का बिजली बंद है।मरम्मत कार्य अब भी जारी है। वहीं ऑनलाइन शिकायत अपलोड करने सहित कम्प्यूटर से जुड़े तमाम काम प्रभावित हो रहे है।



गौरतलब है कि जीआरपी थाने की बिल्डिंग बहुत ही पुरानी है। ऐसे में लगातार हो रही बारिश की वजह से बिल्डिंग के दीवारों के चारो तरफ सीपेज आ गया है। इसकी जानकारी भी जीआरपी प्रभारी के द्वारा पूर्व के रेलवे अधिकारियों को दी गयी है बावजूद अबतक रेलवे ने इस ओर ध्यान नही दिया है। छत का प्लास्टर गिरने से भले ही कोई बड़ा हादसा नही हुआ लेकिन जिस तरह से बिल्डिंग के मतम्मत कार्य मे रेल प्रशासन रुचि नही दिखा रहा है निश्चित ही भविष्य में बड़ी घटना की आशंका बनी हुई है। शायद उसके ही इन्तेजार में रेल प्रशासन है तब जाकर रेल प्रशासन की नींद खुलेगी।


