मंगलवार को जिले के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षक और बच्चों के पालकों के बीच बैठक की गई। बैठक में विद्यार्थियों की सुविधा और स्कूलों में व्यवस्था से लेकर मुख्य 12 मुद्दों पर चर्चा हुई । इसके अलावा बैठक के माध्यम से शिक्षक और पालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया है। बैठक दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक सभी संकुलों में हुई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सरकारी स्कूलों में मंगलवार को संकुल स्तरीय पैरेंट्स टीचर मीटिंग हुई। 198 संकुलों में यह बैठक एक साथ आयोजित हुई । सरकारी स्कूलों में पैरेंट्स टीचर मीटिंग पर कलेक्टर अवनीश शरण ने इस प्रकार के आयोजन की सराहना की और बताया कि पालको और टीचरों के साथ मिलकर बच्चों की समस्याओं पर चर्चा करना एक अच्छी पहल है।

बच्चों की शैक्षणिक प्रगति एवं भविष्य की संभावनाओं को तराशने में पालकों का सहयोग अपेक्षित और अनिवार्य है। सरकंडा के पंडित रामदुलारे स्कूल में आयोजित मीटिंग में शिक्षा विभाग के अधिकारी अनिल तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर पहली बार यह आयोजन किया जा रहा है।

प्रदेश में पहली बार हो रहे 198 संकुल में शिक्षक पेरेंट्स मीटिंग को लेकर अभिभावकों में भी खुशी दिखी, साथ ही जनप्रतिनिधियों और पालकों ने भी इस प्रयास की सराहना की और बताया कि इससे बच्चों और शिक्षकों के बीच तालमेल का पता चलेगा, साथ ही बच्चों की समस्या की जानकारी मिल सकेगी तो वहीं शिक्षकों के प्रति बच्चों की सोच पढ़ाई के स्तर की भी चर्चा हो सकेगी। शारीरिक, मानसिक और सर्वांगीण विकास और एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी के प्रति सकारात्मक वातावरण और तनावमुक्त परीक्षा देने के लिए अभिभावकों से संवाद को जरूरी बताया गया है। पैरेंट्स टीचर मीटिंग के आयोजन के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस आयोजन से शिक्षक और पालकों के संयुक्त प्रयास से बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण बनेगा


