शहर की अधिकांश सड़कों से डामर की परत उखड़ गई है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। शहर के मुख्य मार्ग मंगला, नेहरू चौक, मध्य नगरी चौक मे बड़े-बड़े गड्ढे देखे जा सकते हैं। इन गड्ढो में दो पहिया एवं चार पहिया का चक्का भी समा जाता है। बारिश नहीं होने पर यहां धूल उड़ती है। हर साल बरसात के बाद पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के इंजीनियर डामर की परत चढ़ा देते हैं लेकिन सड़क पर पानी न ठहरे इसका कोई इंतजाम नहीं किया जाता है। पानी रुकने के कारण फिर गड्ढे हो जाते हैं। पिछले कुछ साल में पीडब्ल्यूडी और नगर निगम में सड़कों पर काफी पैसे खर्च किए। बावजूद इसके बिलासपुर की सड़कों में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।


हर साल बारिश में सड़के खराब हो जाती हैं। आउटर के मंगला में आजाद चौक के पास 1 किमी के अन्दर 200 से अधिक खतरनाक गड्ढे हैं। निगम ने लाखों रुपए खर्च कर जीरो गिट्टी से गड्ढे को पाटा था। लेकिन बरसात में गिट्टी बह गई और यह सड़क पहले से भी खतरनाक हो गए। इसके साथ ही मंगला बायपास रोड पूरी तरह जर्जर है। बारिश के दिनो मे बिलासपुर की सड़के बद से बदतर नजर आ रही है। अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती ही रहती हैं। जिसकी सुधार का कोई काम निगम या पीडब्ल्यूडी द्वारा नहीं किया जा रहा है। शहर के सड़को मे कोई खास परिवर्तन देखने को नही मिल रहा है।




