बिलासपुर में मलेरिया-डायरिया के बाद स्वाइन फ्लू पसार रहा अपना पैर, जिला स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता।

बिलासपुर में मलेरिया और स्वाइन फ्लू का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जहां मलेरिया के मरीज कुछ दिन में रुक-रुक कर मिल रहे हैं तो वहीं अब स्वाइन फ्लू मरीजों का भी आंकड़ा बढ़ने लगा है।

बिलासपुर शहरी क्षेत्र में स्वाइन फ्लू ने पैर पसार लिया है। फिर से स्वाइन फ्लू के चार नए मरीज मिले है। मौजूदा स्थिति में नौ मरीज सक्रिय है। जिनमें से चार अस्पताल में भर्ती है। चार होम आइसोलेट चल रहे है। वही तीन मरीज की मौत हुई है। इसी तरह डायरिया के बाद मलेरिया ने भी पांव पसार दिया है। खासकर ग्रामीण अंचलों में मलेरिया के मरीज लगातार मिल रहे है।

बीते दिनो भी कोटा के ग्राम करही कछार में 9 वर्षीय बालक विकास बसोड़ की मलेरिया के चपेट में आने से उसकी मौत हो गयी। हालांकि मौत का आरोप कोटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत लैब टेक्नीशियन के ऊपर लगा, जिसको लेकर मृतक के परिवार वालों ने खूब हंगामा भी किया। जिसके बाद टेक्नीशियन को हटा दिया गया।आंकड़ों की माने तो अबतक मलेरिया से पांच लोगो की जान जा चुकी है। मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में ला दिया गया है, ताकि इसे बढ़ने से रोका जा सके।

बहरहाल कोटा इलाके में मलेरिया से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 178 मरीज मलेरिया पीड़ित मिल चुके हैं। इसके अलावा डायरिया का प्रकोप भी जारी है। अब तक डायरिया के 968 मरीज मिल चुके हैं।इसके अलावा स्वाइन फ्लू से अबतक 3 लोगों की जान जा चुकी है तो वहीं अब शहर में 10 एक्टिव मरीजों का भी उपचार कर उन्हें होम आइसोलेट किया गया है। फिलहाल कलेक्टर ने भी स्वास्थ्य विभाग को जल्द से जल्द स्वाइन फ्लू और मलेरिया पर नियंत्रण के लिए दिशा निर्देश जारी किया है वही सीएमएचओ भी अपने स्तर पर लगातार शहर वासियों को जागरुक कर रहे हैं।

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