प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक बस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार बड़े शहरों को 240 ई बस की मंजूरी मिली है। जिनमें से 50 बस बिलासपुर शहर को मिलने जा रही है। जिससे शहर की जनता को सुविधा मिल पाएगी। हालांकि ऐसा होना 2027 से पहले संभव नहीं लग रहा है क्योंकि मामला अभी टेंडर प्रक्रिया से गुजर रहा है।

शहरी क्षेत्र में परिवहन की समस्या एक महत्वपूर्ण समस्या होती है। शहरी क्षेत्र में परिवहन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम ई बस योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अलग-अलग राज्य के शहरों को जनसंख्या के आधार पर ई बस की स्वीकृति दी गई है। छत्तीसगढ़ के चार शहरों का इस योजना के तहत चयन हुआ है। जिसमें रायपुर को 100 बिलासपुर को 50 दुर्ग भिलाई को 50 और कोरबा को 40 इस प्रकार कुल 240 ही बसों की स्वीकृति हुई है। यह बसे बिलासपुर शहर में 50 बसों में से 35 मिनी बस और 15 मिडी बस का परिचालन होगा। दावा किया जा रहा है कि साल के अंत तक यह योजना शहर में मूर्त रूप लेने लगेगी शहर की जनता बीते लंबे समय से परिवहन के आसान और सुलभ साधन की प्रतीक्षा कर रही है। अब यह घोषणा होने के बाद शहर की जनता में इस बात को लेकर खासी खुशी है। लोगों का कहना है इससे आम जनता को शहर के एक कोने से दूसरे कोने जाने में और रोजमर्रा के कामों में काफी सुविधा मिलेगी।

जहां एक और नई बसें आने की खुशी शहर के लोगों के चेहरे में दिख रही है। वहीं दूसरी ओर शहर की जनता इस आस में भी है की कोविड के समय से बंद पड़ी सिटी बसों का परिचालन फिर से शुरू किया जाए। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है की अधिकांश सिटी बसो की हालत परिचालन के लिए ठीक नहीं है। इन बसों का परीक्षण किया जा रहा है और आरटीओ से अनुमति मिलने के बाद ही इन्हें शहर की सड़कों में चलाया जा सकेगा। शहर वासी अभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए शहर के अंदर केवल ऑटो और ई रिक्शा का प्रयोग कर रहे हैं। इन बसों के शुरू होने से शहर वासियों को सस्ती और अच्छी परिवहन सेवा मिल पाएगी अब देखना होगा कि इस योजना को जमीनी हकीकत बनने में कितना समय लगता है। क्योंकि जानकार बता रहे हैं कि प्रदेश में अभी इसकी टेंडर प्रक्रिया ही चल रही है। टेंडर स्वीकृत होने, वर्क आर्डर और फिर बसों की उपलब्धता में अभी समय लगना है।


