बिलासपुर जिला मुख्यालय स्थित 50 साल पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग की हालात बदहाल नजर आ रही है। यहां रजिस्ट्री सहित 23 से अधिक विभागों के कार्यालय हैं। इसलिए प्रतिदिन यहां सैकड़ो लोगों का आवागमन रहता है। 23 विभाग वाले परिसर के छत टपक रहे हैं। बिल्डिंग की स्थिति जर्जर हो गई है। इसके साथ ही शौचालय की मरम्मत भी नहीं कराई गई है। बारिश के दिनों में पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग के हालात और भी खराब हो जाते हैं। जगह-जगह बिल्डिंग की छत में दीवारों में दरारें आ गई है। छत के प्लास्टर समय-समय पर अचानक कमजोर होकर गिरते रहते है। अचानक प्लास्टर के टूटकर गिरने से कर्मचारी एवं कंपोजिट भवन में आने जाने वाले आम नागरिक को चोट लगने का भय बना रहता है।


इसके साथ ही पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग में कार्य करने वाले कर्मचारी अधिकारी देर रात तक अपने शासकीय दायित्व को पूर्ण करते रहते हैं। देर रात भवन से बाहर निकलने पर अंधेरा ही नजर आता है। जहां लाइट की सुविधा भी कर्मचारियों के लिए नहीं है। हर बार बरसात के दिनों में कंपोजिट बिल्डिंग की हालत और बदतर होती जा रही है। दीवार और छत इतने कमजोर हो गए हैं कि देख कर नजर आता है यह कभी भी गिर सकते हैं। पुराने कंपोजिट बिल्डिंग में काम करने वाले कर्मचारी संघ द्वारा हर साल पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग की मरम्मत के लिए कलेक्टर को लेटर लिखा जाता है। बावजूद इसके बिल्डिंग की मरम्मत का कार्य अभी तक नहीं हुआ है।

बिल्डिंग को देखकर ही यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिल्डिंग कितनी पुरानी है समय-समय पर बिल्डिंग का मेंटेनेंस नहीं होने की वजह से स्थिति ऐसी बन गई है कि अब कभी भी वहां आने वाले या वहां कार्य करने वाले कर्मचारी किसी प्रकार के हादसे का शिकार हो सकते हैं। देखने वाली बात यह है की 50 साल पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग की मरम्मत का कार्य आखिर कब तक होगा या हर साल की तरह इस साल भी कंपोजिट बिल्डिंग की मरम्मत का आश्वासन सिर्फ आश्वासन ही रह जाएगा।



