छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के बैनर तले पूरे प्रदेश में लिपिकों के वेतन विसंगति दूर कराने आंदोलन की तैयारी है। इसी क्रम में प्रांतीय निकाय के आव्हान पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के नाम से आंदोलन के प्रथम चरण में कलेक्टोरेट गेट के सामने लिपिक एकत्रित होकर भोजनावकाश में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौपे। संघ का कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण से लिपिक सवर्गों के वेतनमानों में निरंतर कमी को दूर करने तथा लिपिक वर्गीय कर्मचारी के सामान्य हितों का संरक्षण और लिपिक के हितों के लिए लिपिक संघ के द्वारा निरंतर संघर्ष किया जा रहा है।


वर्तमान में राज्य शासन द्वारा लगभग सभी वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन विसंगति का मामला निराकृत किया है लेकिन लिपिकों की उपेक्षा की गई हैं। संघ का कहना हैं कि उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है जिसका अब तक रिपोर्ट नहीं आया है, लिपिक संघ का कहना है कि चरणबद्ध आंदोलन के जरिए अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी। इसके बावजूद भी मांग पूरी नहीं होती तो उग्र आंदोलन की ओर रुख करना पड़ेगा।


