प्रदेश में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जोरों शोरों से वृक्षारोपण अलग-अलग समुदाय द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी वृक्षारोपण पर गंभीरता दिखाई जा रही है। बावजूद इसके शहर के कई क्षेत्र में पेड़ों पर विज्ञापन लगा हुआ दिख रहा है। कई जगह पेड़ों पर कील ठोक कर अपने बैनर पोस्टर लगाए गए हैं। जिससे पेड़ जल्दी सूखने की आशंका है। एक पेड़ को तैयार होने में सालों लग जाते हैं। लेकिन इन सभी बातों को नजरअंदाज करते हुए आजकल लोग अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए पेड़ मे किल ठोकर प्रचार प्रसार करने में लगे हैं। इसके साथ ही कई जगह के पेड़ों पर पेटिंग किए गए हैं। जो पेड़ों के लिए हानिकारक है। जिसका विरोध कई संस्थाओ द्वारा भी किया गया है। जहां एक तरफ हर क्षेत्र में वृक्षारोपण को महत्व दिया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाते नजर आ रहे है।




