बिलासपुर में लगातार बढ़ रहे भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए प्रशासन और कुछ सामाजिक सेवकों द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार ने गरीबों के लिए कई ऐसी योजनाएं बनाई हैं। जिससे उन्हें भीख मांगने की जरूरत ना पडे। बावजूद इसके शहर के हर क्षेत्र में गरीबों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। भीख मांगना मानो एक बिजनेस बन गया है। जिसकी वजह से स्वस्थ लोग भी भीख मांगते नजर आ रहे हैं और यही वजह है कि शहर में आपराधिक गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। क्योंकि भीख मांगने वाले कुछ लोग नशा कर बड़े-बड़े अपराधों को अंजाम देते हैं। अंकुश सपोर्ट एंड फेयरवेल संगठन द्वारा भिक्षावृत्ति पर अंकुश लगाने हेतु शहर के मुख्य चौक चौराहों पर जन जागरूकता कार्यक्रम किया जा रहा है। जिसमें अंकुश के सदस्यों के द्वारा राहगीरों को संबोधित किया जा रहा है। जिन्होंने बिलासपुर शहर में अचानक लगातार भिखारी की वृद्धि पर चिंता जाहिर की है।

अंकुश के सदस्य ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के कदम में भिक्षावृत्ति को सबसे बड़ा रोडा बताया है। जिसे दूर करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। पुलिस द्वारा भी जागरूकता अभियान कर भिक्षा वृत्ति पर अंकुश लगाने की कोशिश जारी है। इसी कड़ी में कलेक्ट्रेट पहुंच कर अंकुश संस्था के लोगों ने इस विषय में धन्यवाद ज्ञापित किया है।




