शनिवार को विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर पशु चिकित्सालय में जानवरों को रेबीज का टीका लगाया गया, लुईस पाचर ने रेबीज के टीके की खोज की ,इसी दिन से विश्व रेबीज दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने मौजूद लोगों को कुत्ते से बचाव और सभी जानवरों को रेबीज टीका लगाने का आग्रह किया, इस अवसर पर जिला पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों ने रेबीज रोग के कारण लक्षण और निदान की जानकारी दी।स्वास्थ्य विभाग की माने तो हर साल लगभग 1500 डॉग बाइट के मामले सामने आते हैं, जागरूकता के अभाव में कई बार लोगों की जान भी चली जाती है ,साथ ही डॉग बाइट के अलावा चूहा चमगादड़ बंदर और बिल्ली के काटने से भी रेबीज रोग होने का खतरा रहता है,

डॉग बाइट के लक्षण तो कई बार दो दिन से लेकर वर्षों बाद भी नजर आते हैं ,डॉक्टर के मुताबिक कोई भी जानवर काटता है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए और अपने पालतू पशु को रेबीज का टीका अवश्य लगाना चाहिए।





