सिविल लाइन थानांतर्गत मित्र विहार कॉलोनी लिंक रोड निवासी विशाखा डे ने 27 सितंबर को सिविल लाइन थाने में आकर आनलॉइन ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई । रिपोर्ट के मुताबिक 12 सितंबर को उसके मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर स्वयं को मुंबई पार्सल ऑफिस का ऑफिसर बताकर उसके द्वारा मुंबई से दुबई के लिए बुक किए गए पार्सल के पहले कैंसिल होने की जानकारी दी।इसके बाद उसने इसकी वजह पार्सल में पुलिस वर्दी, एटीएम कार्ड, कीटामीन नामक ड्रग्स मिलने की बात बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाया।महिला फर्जी कॉल पर मिली धमकी से भयभीत हो गई। इधर कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें बताया कि उसके नाम पर बुक कराया गया पार्सल मुंबई कस्टम डिपार्टमेंट द्वारा जब्त किया जा चुका है और इस मामले में उसके विरुद्ध नारकोटिक्स एक्ट और मनी लांड्रिंग के जुर्म में किसी भी समय गिरफ्तारी की जा सकती है।इस प्रकार महिला से ऑनलाइन ठगी कर फर्जी फोन कॉल करने वाले व्यक्ति ने किस्तों में 61,93,720 रूपए ठग लिए।एएसपी के मुताबिक रिपोर्ट पर साइबर थाना बिलासपुर में धारा 318 (4) 3(5) बी.एन.एस. एवं 66 डी,,आई.टी. एक्ट के अधीन आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच किया जा रहा है।

आनलाइन ठगी का दूसरा शिकार विवेकानन्द नगर, तोरवा निवासी नीरज कुमार सिंह हुआ। खुद को सीबीआई अफसर बताने वाले व्यक्ति ने फर्जी कॉल कर नीरज से 16 लाख रुपए ठग लिए। मामले की रिपोर्ट 14 सितंबर को की गई।रिपोर्ट के मुताबिक नीरज के मोबाइल पर 13 सितंबर को अज्ञात व्यक्ति ने काल कर स्वयं को मुम्बई सीबीआई. ऑफिसर बताकर उसे ह्यूमन ट्रैफिकिंग और मनी लांड्रिंग के केस में गिरफ्तार करने की धमकी दी।कथित अफसर ने नीरज के मोबाइल में वाट्सएप मैसेज में विभिन्न प्रकार के फर्जी कार्यालयीन दस्तावेज, फर्जी रबर स्टाम्प लगाकर भेजा तथा गिरफ्तारी का भय दिखा कर उससे 16,50,047 रुपए की आनलाइन ठगी की।बहरहाल नीरज की रिपोर्ट पर सायबर थाना बिलासपुर में धारा 318(4), 3(5) बी.एन.एस. एवं 66 (डी) आई.टी. एक्ट के अधीन आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच किया जा रहा है।पुलिस का कहना है कि उक्त दोनों मामलों में साइबर ठगों ने प्रभावितों को उनके अकाउंट में जमा सभी पैसों को मनी लांड्रिंग से संबंधित होना बता दिया ।

वहीं ठगों ने दोनों आवेदकों के खाते में जमा सभी पैसों की जांच करने के नाम पर आरबीआई अधिकारी,सीबीआई अधिकारी, पुलिस अधिकारी बनकर सभी पैसों को उनके द्वारा बताए गए खाते में डलवाकर उनसे रुपए ठग लिए।इसके साथ ही सायबर क्राइम से बचने के लिए पुलिस ने आमजन के नाम अपील में कहा है कि कोई भी व्यक्ति अनजान नम्बर से अपने आप को पुलिस का अधिकारी, सी.बी.आई. अथवा ई.डी. का अधिकारी बताकर मनी लांड्रिंग, ह्यूमन ट्रैफिकिंग, अवैध पार्सल जैसे मामलों में फंसाने और गिरफ्तारी का भय दिखाता है, तो उसके झांसे में न आएं। ऐसे कॉल से सावधान रहें।अपील में कहा गया है कि अनजान व्यक्ति जिसका नम्बर आपके मोबाइल पर सेव नहीं है, उसके साथ कभी भी कोई निजी जानकारी, बैंकिग जानकारी, ओटीपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड फोटो आदि शेयर ना करें।




