शक्ति की भक्ति करने के लिए बिलासपुर तैयार है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दुर्गा उत्सव की तैयारी जोरों शोरों से चल रही है। शहर में आस्था की गूंज सुनाई देने लगी है। इस साल मां दुर्गा की पूजा अर्चना को और भव्य बनाने के लिए विशेष फूलों की व्यवस्था की जा रही है। गुलाब, कमल, रजनीगंधा, गेंदा, सेवंती सहित रंग बिरंगी सुगंधित फूल आर्डर किये जा रहे हैं। पूजा के लिए कोलकाता से बड़े पैमाने पर कमल एवं मंदार के फूल मंगाए जाएंगे। जैसा कि देखा जाता है बंगाल के बाद बिलासपुर में दुर्गा उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। प्रथम दिवस से नवमी तक फूल की डिमांड बढ़ जाती है। दुर्गा पंडाल और मंदिरो के अलावा घरों में भी श्रद्धालु माता की आराधना करते हैं। जिसे ध्यान में रखते हुए हर साल अलग-अलग राज्य से फूल आर्डर किए जाते हैं। संधी पूजा के लिए विशेष रूप से कमल के फूल की आवश्यकता होती है।

बिलासपुर के सेंदरी कछार एवं रतनपुर से कमल फूल आ जाते हैं। लेकिन जिन पंडालो में बंगाली परंपरा से दुर्गा पूजा होती है। वहां प्रति पंडाल में प्रतिदिन 108 कमल के फूल की आवश्यकता होती है। इसलिए कोलकाता से अतिरिक्त फुल मंगवाने पड़ते हैं। कई समितियो ने इस बार पंडाल को प्लास्टिक की फूलों के बजाय प्राकृतिक फूलों से सजाने का निर्णय लिया है। इसलिए अन्य राज्यों से फूल आर्डर किये जा रहे हैं।




