शासन प्रशासन के इस फैसले को संस्था चर्च ऑफ क्राइष्ट मिशन इन इंडिया कुदुदंड बिलासपुर के वर्तमान पदाधिकारियों ने सराहना कर खुशियां मना रही है।इसी तरह संस्था चर्च ऑफ क्राइष्ट मिशन इन इंडिया कुदुदंड बिलासपुर से जुड़े मसीह के सेवकों में हर्ष और खुशी का माहौल है।पास्टर सुदेश पॉल ने बताया कि पूर्व के संस्था चर्च ऑफ क्राइष्ट मिशन इन इंडिया के संचालनकर्ताओं द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया।किसी तरह का कोई भी कामकाज चर्च के लिए या फिर मसीह सेवकों के हित मे नही किया गया।इसको लेकर प्रभु के सेवक सुदेश पॉल एवं निखिल पॉल सहित अन्य सेवकों द्वारा लगातार पूर्व के पदाधिकारियों का लगातार विरोध कर इसकी शिकायत भी शासन प्रशासन से की जा रही थी।प्रभु के सेवकों ने कहा कि प्रभु ने भले ही सभी सेवकों का परीक्षा लिया लेकिन अंत मे अपने सच्चे सेवकों की ही सुनवाई कर उनपर आशीष बरसाया और भ्रष्टाचार में लिप्त सभी को सजा मिली।

पास्टर सुदेश पॉल ने बताया कि संस्था चर्च ऑफ़ क्राइस्ट मिशन इन इंडिया पर विगत 70 वर्षों से संस्था की प्रबंध कार्यकारिणी अवैध एवं अनाधिकृत रूप से संचालन कर रही थी।जिससे वर्तमान में कार्यरत कर्मचारी, समाज के लोग, आरोपी हैमिल्टन थॉमस के संस्था विरोधी गलत कार्यों से समाज के लोग, एवं निर्वाचित प्राचीन पक्ष पास्टर निखिल पॉल कुदुदंड चर्च, पास्टर सुदेश पाल तारबाहर चर्च, एवं चार राज्यों के चर्च ऑफ़ ख्राईष्ट के समस्त सदस्य गण मुक्ति पाकर स्वतंत्र होकर सभी में उत्साह , उमंग, और हर्षोल्लास का वातावरण है। बहरहाल मिशन संस्था के सारे नियंत्रण प्रशासक द्वारा अपने हाथ में ले लिया गया है।कुदुदंड कब्रिस्तान की एक एकड़ जमीन के क्रेता और विक्रेताओं का मामला न्यायालय में 23 , 24 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है।जिसकी अगली सुनवाई आगामी 3 अक्टूबर को है।




