शारदीय नवरात्रि 3 से 12 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इसे लेकर सरकंडा स्थित पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में तैयारी की जा रही है। मां बगलामुखी की अलग-अलग स्वरूप में 9 दिनों तक पूजा अर्चना की जाएगी। यहां मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करने राजस्थान से शुद्ध देसी घी मंगवाया जा रहा है। 3 अक्टूबर शुक्ल प्रतिपदा पर अभिजीत मुहूर्त 11:36 से 12:24 पर घट स्थापना की जाएगी। 11 अक्टूबर को महाष्टमी और महानवमी पर कन्या पूजन भंडारा प्रसाद का आयोजन होगा। तो वही 12 अक्टूबर विजयदशमी पर नवरात्रि का समापन होगा। पीठाधीश आचार्य डॉक्टर दिनेश महाराज ने बताया कि श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में नवरात्रि पर केवल घृत ज्योति कलश स्थापित किए जाते हैं।


इस बार तिरुपति बालाजी के प्रसाद में चर्बी मिलने की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब मंदिर के प्रसाद और मनोकामना ज्योति कलश के घी के लिए खास सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि मंदिर में आरंभ से ही राजस्थान से जांच परख कर शुद्ध धौलपुर देसी घी मंगाया जाता है। इसका प्रयोग घी से जलने वाली मनोकामना ज्योति कलश में तो की जाती है। साथ ही प्रसाद और अन्य उपयोग में भी इस घी का प्रयोग किया जाता है।




