जिले को धूम्रपान मुक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत सरकारी कार्यालय एवं स्कूल कॉलेजों को धूम्रपान मुक्त बनाने कलेक्टर ने सभी राजपत्रित अधिकारियों को धूम्रपान करने और बेचने वालों के खिलाफ चालानी कार्यवाही करने के सख्त आदेश दिए हैं। स्कूल कॉलेज के आसपास गुटका सिगरेट की दुकानों पर स्कूल के प्राचार्य चालानी कार्यवाही कर संस्था को धूम्रपान मुक्त बनाने का कार्य करेंगे। कोटपा एक्ट के तहत स्कूल कॉलेज से 200 मीटर के दायरे में धूम्रपान बेचना और उपयोग करना दोनों प्रतिबंध है। बावजूद इसके अभी शहर के अधिकतर जगहों पर देखा जा रहा है कि कलेक्टर के इस आदेश का किसी प्रकार का कोई पालन नहीं हो रहा है।

एक ऐसा ही नमूना आज हमें राजीव गांधी चौक जराभाटा के पास स्थित शासकीय नवीन प्राथमिक शाला के बाहर देखने को मिला जहां स्कूल से लगा हुआ पान ठेला है। पान ठेले में सिगरेट पीने वालों की लाइन लगी हुई है। अर्थात इस आदेश का पालन करती स्कूल प्रबंधन नजर नहीं आ रही है। स्कूल के बाहर गुटका सिगरेट की दुकान छोटे बच्चों का भविष्य बिगाड़ने का प्रमुख कारण है। कलेक्टर के आदेश आने के बावजूद इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और अभी भी शहर के अधिकांश स्कूलों के बाहर गुटके तंबाकू के दुकान लगे हुए हैं। देखना यह है कि कलेक्टर के इस आदेश का पालन कब होगा।





