विश्वविद्यालय से संबंधित उक्त सभी विद्यार्थी अधिक मात्रा में ग्रामीण अंचल से आते हैं वहीं कुछ बिलासपुर के बाहर के है।गौरतलब है कि वर्तमान में फेस्टिव छुट्टियां भी रहेगी।जिसमें बाहर रहने वाले विद्यार्थी अपने अपने घरों में रहेंगे वहीं दूसरी तरफ़ विश्वविद्यालय द्वारा इतनी जल्दी पूरक परीक्षा का आयोजन करने पर विद्यार्थी असमंजस में पड़ गए हैं।दूसरा मामला पुनर्मूल्यांकन से संबंधित है विश्वविद्यालय द्वारा मुख्य परीक्षा का आयोजन किया गया।जिसमें विद्यार्थी 2 से 3 विषयो में अनुत्तीर्ण हो गए है।उन विद्यार्थियों के लिए पुनर्मूल्यांकन का अवसर विश्वविद्यालय ने प्रदान किया। चूंकि विद्यार्थी दो विषय में अनुत्तीर्ण आ गए थे। तो वह महाविद्यालय में अस्थायी प्रवेश की पात्रता नहीं रखते थे। वर्तमान में विश्वविद्यालय द्वारा पुनर्मूल्यांकन का परिणाम बीते 28 सितंबर को जारी किया गया।जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।ऐसे विद्यार्थी अब महाविद्यालय में प्रवेश की पात्रता रखते हैं।लेकिन जैसे ही विद्यार्थी महाविद्यालय में प्रवेश लेने जाते हैं उन्हें प्रवेश नहीं देने और विश्वविद्यालय से अनुमति का हवाला दिया जाता है।विद्यार्थी जब भी उत्तीर्ण होंगे उससे 15 दिवस के भीतर वे प्रवेश लेने की पात्रता रखते हैं। इसके बावजूद भी विद्यार्थियों को प्रवेश देने से वंचित किया जा रहा है।अपनी इन्हीं समस्याओं को लेकर आशीर्वाद पैनल से विश्वविद्यालय छात्रसंघ सचिव मनीष मिश्रा के नेतृत्व में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया गया एवं उन्हें उक्त समस्याओं से अवगत कराया गया।परीक्षा नियंत्रक की अनुपस्थिति में परीक्षा प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया एवं पूरक परीक्षा को इस महीने की अंतिम सप्ताह से कराने का निवेदन किया और जो विद्यार्थी पुनर्मूल्यांकन में उत्तीर्ण हुए हैं। उन्हें पुनः प्रवेश देने का अवसर देने की मांग की गई।ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से अटल बिहारी वाजपेया के छात्र संघ सचिव मनीष मिश्रा, नागेन्द्र सिंह, विक्रांत श्रीवास्तव, विकास विश्वकर्मा उर्फ मारी ,गवेन्द्र कोसले, श्रिजा यादव , शिप्रांशु पटेल, दिव्यांश यादव, अमन डाहरे, उज्ज्वल चक्रवर्ती और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।




