कमिश्नर महादेव कावरे की अध्यक्षता में संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जलाशयों में जल भराव की स्थिति, सिंचाई लक्ष्य निर्धारण एवं खाद,बीज तथा कीटनाशकों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। नियमित अंतराल पर और पर्याप्त बारिश होने के कारण इस साल अब तक सिंचाई के लिए पानी की मांग नहीं आई है।बैठक में जल संसाधन विभाग के सीई जे आर भगत ने जलाशयों की जलधारण क्षमता और उपलब्धता का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि खरीफ फसलों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के हिसाब से जलाशयों का डिजाईन किया गया है।

शासन के निर्देशानुसार इन जलाशयों में उपलब्ध जल का इस्तेमाल प्राथमिकता के क्रम में पेयजल, सिंचाई एवं निस्तारी के लिए किया जाना है। बांगो बांध में वर्तमान में क्षमता का 89 प्रतिशत, खारंग जलाशय में 95 प्रतिशत और मनियारी जलाशय 100 प्रतिशत जलभराव है। अरपा भैंसाझार में 54 प्रतिशत और केलो जलाशय में 87 प्रतिशत जल भरा हुआ है। छह मध्यम सिंचाई जलाशयों में 91 प्रतिशत तथा 512 लघु सिंचाई जलाशयों में 77 प्रतिशत जल भरा हुआ है।


