
सनातन मान्यताओं में ऐसा विश्वास है कि हवन करने से देवताओं को भोजन की प्राप्ति होती है तो वही वातावरण भी शुद्ध होता है। इसी पवित्र भावना के साथ बिलासपुर के सरकंडा सुभाष चौक स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में 6 जुलाई आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से वैदिक ब्राह्मणो और पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश चंद्र जी महाराज द्वारा श्री पीतांबरा हवनात्मक महायज्ञ किया जा रहा था। जिसके तहत हर दिन रात 8:00 से लेकर रात 1:00 तक आहुतियां अर्पित की गई तो वहीं प्रति रात्रि 1:00 बजे श्री ब्रह्म शक्ति बगलामुखी देवी की महा आरती भी की जाती रही।

कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा देव दीपावली के पावन अवसर और ब्रह्मलीन परम पूज्य श्री 108 श्री स्वामी शारदानंद सरस्वती जी महाराज की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर इसकी पूर्णाहुति दी गई। इस हवनात्मक महायज्ञ में 36 लाख आहुतियां अर्पित की गई है। इस विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के राजकीय अतिथि महामंडलेश्वर श्री 1008 श्री स्वामी मनमोहन दास जी महाराज राधे-राधे बाबा सरकार इंदौर मध्य प्रदेश, महंत स्वामी अनिल आनंद उदासीन भोपाल मध्य प्रदेश , केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, महापौर रामशरण यादव, प्रदेश संगठन मंत्री विश्व हिंदू परिषद नंददास दंडोतिया, विभूति शरण पांडे मंत्री विश्व हिंदू परिषद, मनोज केडिया सौमित्र गुप्ता, राजीव अग्रवाल ब्रह्मचारी मधुसूदन पांडे और विशिष्ट जन्म जुटे।

सनातन परंपराओं में कन्याओं को देवी स्वरूप माना जाता है। इस पवित्र अवसर पर यहां 1100 कन्याओं का विराट पूजन, भोजन करते हुए उन्हें दक्षिण अर्पित किया गया।श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में पारद शिवलिंग , मां बगलामुखी, भगवान श्री राम गणेश आदि देव स्थापित है। जहां वर्ष पर विविध आयोजन होते हैं । तो वहीं जुलाई माह से निरंतर यहां आयोजित हवनात्मक महायज्ञ में आहुतिया अर्पित की जा रही थी । मान्यता है कि इससे पूरा क्षेत्र, नगर, प्रदेश और देश पवित्र होता है और देवी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। इस विशिष्ट अवसर पर उपस्थित हुए महात्माओं के आशीर्वाद से यहां दरिद्र नारायण भोज और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दूर से भक्त जन सम्मिलित होने पहुंचे ।





