
अटल बिहारी बाजपाई विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित “जनजाति गौरव” में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि गुजरात में उन्होंने 14 सालो तक विधायक रहकर आदिवासी कल्याण के लिए अनेको कार्य किये। जनजातियों में फैले सिकल सेल एवं एनीमिया के लिए उन्होंने योजनाएं लेकर आए और उनके लिए कार्य किया। महामहिम राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा आज पूरे देश में 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस मनाये जाने की घोषणा की गई है।
यह हम सभी के लिए गौरव एवं सम्मान की बात है। प्रधानमंत्री ने जनजाति का गौरव कैसे बढ़ाए जाए इसके लिए 15 नवंबर को गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातियों के विकास के लिए 24 हजार करोड़ की योजना बनाई है। जिन जनजातियों को कोई पूछता नहीं था आज ऐसे लोगों के लिए यह योजना बड़ा बदलाव लेकर आएगी।

आज के हमारे प्रधानमंत्री जनजातियों के लिए बहुत संवेदनशील है। आज जनजाति नहीं होती तो ग्लोबल वार्मिग का क्या होता आप सब सोच सकते है? पूरे विश्व में क्लाइमेट चेंज हो रहा है। मगर ट्राइबल जहां जहां है वन संरक्षित है जिसका लाभ सभी को मिल रहा है। जिसमें जनजाति का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने उपस्थित विधायकों से आह्वान करते हुए कहा कि आदिवासियों की जो योजना है उसे हम कैसे लागू करें कि ज्यादा से ज्यादा जनजाति को लाभ मिले सभी इस पर कार्य करे । तभी जनजाति समाज का उत्थान होगा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल मंगू भाई पटेल , रामलाल रौतेल (अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण, मध्यप्रदेश )राम विचार नेताम (मंत्री छत्तीसगढ़ शासन), विधायक धर्मजीत सिंह, विधायक धरम लाल कौशिक , विधायक अमर अग्रवाल,विधायक सुशांत शुक्ला, कुलपति एडीएन बाजपाई, कुल सचिव शैलेन्द्र दुबे, डीएसपी मधुलिका सिंह, डॉ चंद्रशेखर यूके, पूर्व प्राचार्य ज्योति रानी सिंह , खेल प्रशिक्षक इतवारी राज आदि को जनजाति गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।




