
सरगुजा छत्तीसगढ़ में तंत्र-मंत्र के चक्कर में फंसकर अपनी जान जोखिम में डालने का मामला कई बार सामने आ चुका है। इसी कड़ी में सरगुजा में युवक ने जिंदा चूजा निगल लिया। गले में चूजे के फंसने से उसकी मौत हो गई। युवक को बेहोशी की हालत में अंबिकापुर मेडिकल कॉजेल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।डॉक्टरों ने युवक के शव का पोस्टमार्टम किया तो गले में साबूत चूजा फंसा हुआ मिला। डॉक्टर भी इस से हैरान हैं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने कहा कि ऐसा मामला पहली बार देखा है। आशंका है कि युवक ने तांत्रिक के चक्कर में फंसकर चूजा निगल लिया था। मिली जानकारी के अनुसार अंबिकापुर कोतवाली थानाक्षेत्र अंतर्गत ग्राम छिंदकालो निवासी युवक आनंद कुमार यादव को परिजनों ने बेहोशी की हालत में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में दाखिल कराया था।

इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। परिजन भी आनंद यादव की बीमरी को लेकर कुछ नहीं बता सके, क्योंकि वह बेहोश होने के पूर्व तक पूर्णतः स्वस्थ था। परिजनों ने बताया कि आनंद आंगन में गिरकर बेहोश हो गया था। डॉक्टरों और पुलिस के लिए भी यह मामला हैरानी का विषय है, क्योंकि इस तरह का केस बहुत ही दुर्लभ है। डॉ. संतो बाग, जिन्होंने 15,000 से अधिक पोस्टमार्टम किए हैं, ने इसे अपने जीवन का पहला ऐसा मामला बताया। यह मामला मेडिकल और कानूनी दोनों दृष्टिकोण से विशिष्ट है आनंद कुमार यादव के शव का डॉक्टर ने पोस्टमार्टम किया तो वे हैरान हो गए। फारेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर संतो बाग ने बताया कि हार्ट अटैक से मौत की आशंका पर युवक के शव के सीने में चीरा लगाया, लेकिन सबकुछ नार्मल मिलने पर ब्रेन हेमरेज की आशंका से सिर का हिस्सा खोला गया, लेकिन सिर में भी कुछ असामान्य नहीं मिला। जब डॉक्टर ने गले में चीरा लगाया तो मृत युवक के गले में साबूत चूजा फंसा हुआ मिला। चूजा युवक के श्वांस नली एवं खाने की नली के बीच में फंसा हुआ था। तकनीकी जांच में पता चला कि श्वांस नली में चूजा फंसने से युवक की मौत हुई है।




