
सायबर क्राईम के पीड़ितों को समय पर राहत प्रदान करने के लिए बिलासपुर रेंज के जिलों के थानों में पदस्थ चुने हुए आरक्षक और प्रधान आरक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन आईजी डॉ.संजीव शुक्ला के निर्देशन में ‘‘चेतना भवन’’ रक्षित केन्द्र बिलासपुर में आयोजित किया गया। डा. संजीव शुक्ला ने अपने उद्बोधन में सायबर प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सायबर क्राईम से जुड़े मामलों में थानों में सायबर क्राईम पीड़ितों की हर संभव मदद करने हेतु कहा ।


वर्तमान में परंपरागत अपराधों की तुलना में सायबर से जुड़े मामलो की अधिकता को देखते हुए थाना स्तर पर ही विषय विशेषज्ञ तैयार किया जा रहा है ताकि समय रहते गोल्डन ऑवर में पीड़ितो की मदद की जा सके।


आरक्षक एवं प्रधान आरक्षकों का चुनाव कर प्रशिक्षण हेतु बुलाया गया है, प्रशिक्षण उपरांत थाने में सायबर नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करना है एवं कहा गया कि पुलिस के सामने वर्तमान समय में सायबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती है जो तेजी से नए-नए तरिको यथा – क्रिप्टो करेंसी आधारित क्राइम व डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध अपनी भयावह स्थिति के साथ व्यापक रूप से बढ़ रहा है। हर थाने में सभी कर्मचारियों को सायबर की बेसिक जानकारी रखना आवश्यक है।


