
शिक्षिका पूर्णिमा मिश्रा ने बताया कि शिक्षक वसंत प्रताप मनमाना ढंग से स्कूल आते हैं और कई कई दिन तक अनुपस्थित रहते हैं। जब इसका विरोध मैंने किया तो उन्होंने मुझे गलत मामले मे फसाने की कोशिश की और मुझे ही अटैच कर बैठा दिया गया। लगातार दूसरी बार यह मेरे साथ हो रहा है। इसके साथ ही विद्यालय का माहौल खराब करने के लिए विद्यालय के बच्चों को उकसाने का काम यह कर रहे हैं। शिकायतकर्ता शिक्षिका ने स्कूल छात्रा के वीडियो के माध्यम से इस बात का सबूत प्रस्तुत किया है। जिसकी शिकायत शिक्षिका द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को भी की गई। जिसके परिणाम स्वरूप शिक्षक वसंत सिंह को ट्रांसफर कर दिया गया। लेकिन मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने अपना ट्रांसफर रुकवा लिया। शिकायतकर्ता शिक्षिका का कहना है कि शिक्षक वसंत सिंह की पत्नी जी माउंट लिटरा की प्राचार्य श्वेता सिंह फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी पर लगी थी। आज से 4 साल पहले श्वेता सिंह पर कार्यवाही भी की गई थी। जिसमें उन्होंने गलत तरीके से सरकारी नौकरी में प्रवेश लिया था। इस मामले की जांच के बाद उन्हें दोषी भी पाया गया था और उन्हें नौकरी से तत्काल निकल गया था। शिकायतकर्ता शिक्षिका ने बताया कि अब हाल ऐसा है कि वसंत सिंह के द्वारा स्कूल में शिक्षकों को खासा परेशान किया जाता है। यही कारण है कि कोई उनसे बात करना भी पसंद नहीं करते हैं और मैंने इस पर आवाज उठाया तो मुझे दबाने के लिए वसंत सिंह ने मुझे अटैच करवा दिया। शिकायतकर्ता शिक्षिका पूर्णिमा मिश्रा ने वसंत सिंह और जी माउंट लिटरा की प्राचार्य श्वेता सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर अवनीश शरण से न्याय की गुहार लगाई है।पंडित राम दुलारे दुबे आत्मानंद स्कूल की पूर्व प्रभारी प्राचार्या ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि षडयंत्रकारियो ने पहले तो एनएसयूआई के नेता लकी मिश्रा को स्कूल में लाया और फिर उन्हें ही पूरे मामले में फंसा कर उनकी छवि खराब करते हुए उनका ट्रांसफर करवा दिया। उन्होंने इस पूरे मामले की छानबीन की मांग की है।




