
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सहकारिता के माध्यम से विकास के नए प्रयोग की शुरुआत बुधवार से हो गई है। बिलासपुर जिला सहकारी बैंक में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्र सरकार की सहकार से समृद्धि योजना के तहत नवगठित समितियां को प्रमाण पत्र वितरण किया गया । साथ ही उन्हें मत्स्य पालन और डेयरी से होने वाले आय की जानकारी दी गई। सहकारिता केंद्र के कई मछुआरा समूह एव स्व सहायता समूह डेयरी और मत्स्य पालन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की आय में सुधार कर रहे हैं। केंद्र सरकार की सहकार से समृद्धि योजना विकास के कई नए रास्ते तैयार करेंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए ग्रामीणों को विस्तार से इस योजना का महत्व सरकारी समितियां से जुड़े समूहो को समझाया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को जिला केंद्रीय सहकारी बैंक मे सहकार से समृद्ध लाइन कार्यक्रम में कई अधिकारी एवं भाजपा के नेता और कार्यकर्ता जुड़े। साथ ही लोगों को केंद्र सरकार की योजना के विषय में जानकारी देते हुए लाभ लेने से आय किस तरह बढ़ सकती है इसे भी समझने का प्रयास किया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य एवं डेयरी का व्यवसाय करने वाले किसानों एवं पशुपालन को योजना का लाभ मिलेगा वहीं अब उन्हें केसीसी चेक और एटीएम कार्ड मिलने से आर्थिक जरूरतो को पूरा करने में आसानी होगी। ग्रामीण क्षेत्र के किसान एवं डेयरी फर्म चलाने वालों की आय में वृद्धि होगी। नवगठित सहकारी समितियां को पंजीयन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इन प्रमाण पत्रों से औपचारिक रूप से काम शुरू कर सकेंगे ।यह कदम ग्रामीण सहकारिता को मजबूत बनाने और आर्थिक विकास की गति बढ़ाने के लिए उठाया गया है।




