छत्तीसगढ़ में 15 साल बाद एक बार फिर पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की गई। नई शिक्षा नीति के तहत पुनः शुरू की गई इस परीक्षा को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इसके साथ ही कई छात्रों में बोर्ड परीक्षा का डर भी नजर आया। सन 2010-2011 में शिक्षा का अधिकार के तहत 5वीं और 8वीं कक्षा का बोर्ड एग्जाम बंद कर दिया गया था।सोमवार को प्रदेशभर में पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने गणित विषय की परीक्षा दी। बिलासपुर जिले में हजारों छात्रों ने इस परीक्षा में भाग लिया। सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक परीक्षा आयोजित हुई। जिसमें छात्र-छात्राओं ने पूरी लगन के साथ भाग लिया। परीक्षा के बाद छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि प्रश्नपत्र संतुलित था और सभी सवाल उनकी पाठ्यपुस्तकों से ही आए थे। परीक्षा देकर निकले छात्र छात्रा खुश दिखे। छात्राओ ने बताया कि इतने सालों बाद पांचवीं कक्षा में बोर्ड परीक्षा होने से उन्हें बहुत डर लग रहा था। वे संशय में थे कि पता नहीं प्रश्न पत्र कैसा आएगा लेकिन छात्रों ने उत्साह के साथ बताया कि प्रश्न पत्र देखते ही वे खुश हो गए क्योंकि सारे प्रश्न संतुलित आए थे। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र काफी सरल था और हमें एक ही आंसर शीट में सभी उत्तर लिखने थे। परीक्षा दिलाकर अच्छा महसूस हो रहा है और हमें अच्छे अंक आने की उम्मीद है। छात्राओ ने बताया कि परीक्षा में 40 अंकों का प्रश्नपत्र दिया गया था, जिसमें सभी प्रश्न उत्तर पुस्तिका में ही लिखे हुए थे। हमने अच्छे से परीक्षा दी और सभी सवालों को समय रहते हल कर लिया। बोर्ड परीक्षा को लेकर हमने पूरी तैयारी की थी, हमारे शिक्षकों ने भी हमें अच्छी तरह से पढ़ाया था। गणित विषय की परीक्षा अच्छे से हुई और अगली परीक्षाओं की तैयारी भी हम पूरी मेहनत से करेंगे।




