सिविल लाइन थाना क्षेत्र में थाना सिरगिट्टी के आरक्षक विकास कुर्रे पर गंभीर आरोप लगे हैं। टुकेश दिवाकर नामक युवक ने आरक्षक पर पुरानी रंजिश के चलते मारपीट, गाली-गलौच और ब्लेड तथा चाकू से हमला करने का आरोप लगाया है। घायल टुकेश का कहना है कि विकास कुर्रे नशे में धुत्त था और वर्दी का रौब दिखाकर उसके साथ मारपीट की। हालांकि, पुलिस ने जब टुकेश की मेडिकल जांच कराई, तो उसे नशे की हालत में पाया गया, लेकिन सवाल यह उठता है कि टुकेश को गंभीर चोटें आखिर आई कैसे।घायल टुकेश ने मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में की, लेकिन पुलिस ने सिर्फ उसकी मेडिकल जांच कराई। जिस आरक्षक पर नशे में मारपीट और हमले का आरोप लगा, उसका कोई मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस ने आरोपी आरक्षक को बचाने के लिए जानबूझकर उसकी जांच नहीं कराई।टूकेश ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि विकास कुर्रे ने पहले धमकी दी, फिर ब्लेड और चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया। बावजूद इसके, पुलिस ने आरोपी पर कोई तत्काल कार्रवाई नहीं की और तीन दिन बाद घायल पर ही आरोप मढ़ दिया।इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। क्या बिलासपुर पुलिस की साख बचाने के लिए आरोपी आरक्षक को संरक्षण दिया जा रहा है। अगर टुकेश की मेडिकल जांच कराई गई, तो विकास कुर्रे की क्यों नहीं।




