बिलासपुर के सिम्स हॉस्पिटल में महिला मरीज ने आरोप लगाया था कि उसे गलत इंजेक्शन दिया गया, जिससे उसके पांच महीने के भ्रूण का गर्भपात हो गया। दरअसल महिला मरीज गिरिजा का आरोप है कि उसे किसी कविता से स्थान पर भूलवश गर्भपात का इंजेक्शन लगाया गया। इस घटना के बाद मरीज और उसके परिजनों ने सिम्स हॉस्पिटल के महिला डॉक्टरों के खिलाफ एम एस से शिकायत की है। जिसके बाद सिम्स मेडिकल सुप्रिटेंडेंट ने मामले में चार सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। टीम में सीनियर डॉ.नीरज शेंडे समेत चार सदस्य होगे। वही जांच टीम को अगले 48 घंटे में रिपोर्ट पेश करनी होगी। सिम्स प्रबंधन पर लग रहे गंभीर आरोप के बाद आनन फानन में यह जांच टीम बनाई गई है। तो वही सिम्स प्रबंधन का कहना है की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे मामले का खुलासा होगा। सिम्स हॉस्पिटल संभाग का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है दूर-दूर से लोग यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। लेकिन जिस तरह से यहां लगातार इलाज में लापरवाही की बात सामने आती है। वह कहीं ना कहीं मरीजों में इलाज के प्रति संदेह उत्पन्न करती है। ऐसे में सिम्स प्रबंधन द्वारा की गई यह पहल मरीजों के अंदर सिम्स के प्रति विश्वास जगाने में कारगर साबित होगी।




