बिलासपुर जिले में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। शुक्रवार से जारी इस बेमौसम बारिश ने किसानों और संग्रहन केंद्रों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। बिलासपुर जिले में बीते कुछ दिनों से मौसम ने करवट बदली है। अचानक हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा असर संग्रहन केंद्रों में खुले में रखे धान पर पड़ा है। बारिश के कारण लाखों क्विंटल धान भीगने के कगार पर है। किसानों की मानें तो अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
मौसम के इस अचानक बदलाव से बचाव के लिए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी संग्रहन केंद्रों पर धान को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल की व्यवस्था की जाए। विपड़न के अधिकारियों ने बताया कि हम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संग्रहन केंद्रों में रखे धान को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई है और मिलों को तेजी से धान उठाने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। देखना होगा कि प्रशासन इस संकट राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है। क्या बारिश से पहले धान को सुरक्षित किया जा सकेगा? और क्या मिलें तेजी से धान का उठाव करेंगी? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे।




