जिला अस्पताल में पदस्थ एक महिला डॉक्टर का रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। डॉक्टर पर आरोप है कि उन्होंने गर्भपात के लिए मरीज से 6 हजार रुपये की मांग की और पैसे न देने पर उसे ताने मारते हुए फोन पर दुर्व्यवहार किया। अब इस मामले में डॉक्टर के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना चौधरी का एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह मरीज से कह रही हैं कि 2 हजार में अबॉर्शन नहीं होता। डॉक्टर को धोखा दोगे तो नरक में जाओगे।इस बातचीत के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन दोनों ही सवालों के घेरे में आ गए हैं।मरीज और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने गर्भपात के लिए 6 हजार रुपये की मांग की थी। जब उन्होंने केवल 2 हजार रुपये दिए और बाकी पैसे देने में असमर्थता जताई, तो डॉक्टर बार-बार फोन कर दबाव बनाने लगीं। महिला ने जब गरीबी का हवाला दिया, तो डॉक्टर ने उसे ताना मारते हुए कहा धोखा दोगे तो ऐसे ही गरीब रहोगे।मामला सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता ने डॉक्टर वंदना चौधरी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, उनके परिवार नियोजन टीटी और गर्भपात ऑपरेशन पर रोक लगा दी गई है। अब ये ऑपरेशन डॉक्टर रमा घोष और डॉक्टर ममता सलूजा संभालेंगी।इस बीच, सिविल सर्जन ने कहा है कि इस मामले की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दी गई है। अब आगे की कार्रवाई राज्य सरकार के स्तर पर होगी। लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई होगी, जिससे भविष्य में किसी और डॉक्टर की हिम्मत रिश्वत मांगने की न हो। यह घटना 19 मार्च की बताई जा रही है, लेकिन 6 दिन बीतने के बावजूद इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा या इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।




