छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मच गई है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान हुए घोटालों की जांच तेज हो गई है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जांच एजेंसियां घोटालों की तह तक जाने में जुटी हैं और सीबीआई ने कई जगहों पर छापेमारी की है। सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों ने प्रशासनिक अधिकारियों, आईपीएस अफसरों और यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर तक अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। कहा जा रहा है कि बघेल सरकार के दौरान हुए कई बड़े घोटालों की परतें अब खुलने लगी हैं। इसी बीच अरुण साव ने बयान दिया कि जांच एजेंसियां मिले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। यानी यह जांच किसी राजनीतिक द्वेष के तहत नहीं, बल्कि ठोस सबूतों के आधार पर की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस से सीधे सवाल करते हुए कहा की क्या कांग्रेस घोटालों का सच स्वीकार करती है, भूपेश बघेल इनकार कर सकते हैं, लेकिन जांच एजेंसियां लंबे समय से इस मामले की पड़ताल कर रही हैं। इस मामले के सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि, उन्होंने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह मामला गर्मा गया है। विपक्ष का आरोप है कि भूपेश सरकार के दौरान कई वित्तीय घोटाले हुए, जिनमें बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत थी। जिससे आने वाले दिनों में बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियों की छापेमारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है और यह देखना दिलचस्प होगा कि भूपेश बघेल और कांग्रेस इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। क्या वे इन आरोपों को सिरे से खारिज करेंगे या जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं अब इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।


