समाज कल्याण विभाग द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत गुरुवार सुबह एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली पुलिस मैदान तक पहुंची, जहां भर्ती की तैयारी कर रहे युवा, खिलाड़ी और सुबह की सैर पर निकले नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। इस अभियान का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए “सादा जीवन, उच्च विचार” को अपनाने की प्रेरणा देना था। रोज की तरह पुलिस मैदान में क्रिकेट खेलते और शारीरिक दक्षता की तैयारी में जुटे युवाओं ने जब “नशा नाश की जड़ है” और “प्रण करें, नशा छोड़ें” जैसे नारे लगाए, तो वहां मौजूद लोगों का ध्यान इस अभियान की ओर गया। इस जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग ने स्कूल-कॉलेज के छात्रों की सहायता ली और नागरिकों से अपील की कि वे इस बुराई को दूर करने में सहयोग दें। छत्तीसगढ़ सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जनहित में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत हैंडबिल्स का वितरण भी किया गया, जिनमें नशे के शारीरिक, सामाजिक और पर्यावरणीय दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इसके अलावा, परिवार और समाज में खुशहाली बनाए रखने के लिए नशे से दूरी बनाए रखने का संदेश भी दिया गया। समाज कल्याण विभाग के सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रशांत मोकासे और लेखा प्रभारी जी.आर. चंद्रा के मार्गदर्शन में, बड़ी संख्या में युवा तख्तियों पर स्लोगन लिखकर इस रैली में शामिल हुए। गलत संगति के कारण युवा नशे को फैशन मानने लगे हैं, लेकिन जागरूकता अभियान के माध्यम से उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जा रहा है। विदेशी संस्कृति के प्रभाव से भी नशे की लत बढ़ी है, जबकि भारतीय परंपरा में इसके लिए कोई स्थान नहीं है। यह रैली समाज के प्रति दायित्व की याद दिलाने के लिए निकाली गई थी, जिसे सभी आयु वर्ग के नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिला। रैली के समापन पर सभी ने एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की शपथ ली।


