छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक महामाया मंदिर कुंड में 30 कछुओं की रहस्यमयी मौत ने हाईकोर्ट का ध्यान खींच लिया है। मामले में सख्ती दिखाते हुए कोर्ट ने कलेक्टर और मंदिर ट्रस्ट से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है। वहीं, वन विभाग की टीम अब इस मौत की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है।जानकारी के मुताबिक मंदिर ट्रस्ट ने कुंड की सफाई कराई और जाल डालकर मछलियां निकलवाईं, लेकिन इसी दौरान कछुओं की भी मौत हो गई। सूत्रों का कहना है कि सफाईकर्मियों ने मंदिर ट्रस्ट के निर्देश पर काम किया। वन विभाग ने अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है, लेकिन असली जिम्मेदार कौन।यह सवाल अब भी बना हुआ है।हाईकोर्ट की सख्ती के बाद वन विभाग ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें कुछ युवक बोरी में मछलियां ले जाते दिखे। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या कछुओं को भी छिपाकर ले जाया गया? इस पहलू की गहन जांच हो रही है।वन विभाग ने कछुओं का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। माना जा रहा है कि सफाई के दौरान डाली गई जाल की महीन संरचना कछुओं के लिए जानलेवा साबित हुई।अब जांच की आंच वन विभाग के अफसरों और कर्मचारियों पर भी आ गई है।क्या सफाई की प्रक्रिया की निगरानी ठीक से नहीं हुई।क्या विभागीय अधिकारियों की लापरवाही इस हादसे की वजह बनी।


