चैत्र नवरात्रि महोत्सव की भव्य शुरुआत 30 मार्च से हो गई है। नवरात्रि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक एवं प्राचीन मां महामाया देवी मंदिर में पहले दिन विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। नवरात्रि के पहले ही दिन 23,000 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए, जिससे मंदिर परिसर दिव्य आभा से जगमगा उठा। नवरात्रि के पावन पर्व के साथ मंदिर परिसर में शतचंडी रुद्र यज्ञ, श्रीमद् देवी भागवत कथा, माता सेवा प्रतियोगिता और विभिन्न अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई। यह महोत्सव 6 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन भक्तों के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे भक्तों को मां के दर्शन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।इस पावन अवसर पर मां महामाया मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा से अलंकृत किया गया है। भोर में घटस्थापना कर मंदिर के मुख्य पट खोले गए, जिसके पश्चात विशेष पूजन-अर्चन कर मां को चढ़ावा अर्पित किया गया। भक्तों ने श्रद्धा एवं आस्था के साथ मां के दरबार में शीश नवाया।नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। मंदिर में प्रातः 6:00 बजे प्रभात आरती होगी, जबकि संध्या 7:00 बजे दुर्गा चालीसा, अन्नपूर्णा स्तोत्रम, विद्या वासिनी चालीसा के साथ महाआरती की जाएगी। इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर में दुर्गा सप्तशती पाठ, श्री देवी भागवत एवं श्रीमद्भागवत पुराण का पाठ, शतचंडी यज्ञ एवं प्रवचन का आयोजन भी किया जाएगा। नवरात्रि के प्रथम दिन ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्ति एवं श्रद्धा का वातावरण देखते ही बन रहा था। भक्तों ने विधिपूर्वक मां की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। महामाया मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोजन, पेयजल एवं सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। नवरात्रि का यह पावन पर्व श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना हुआ है। मां महामाया की कृपा से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो, इसी भावना के साथ यह महोत्सव पूरे श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।वहीं चैत्र नवरात्रि का यह पर्व श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम है।भक्तों की आस्था और मंदिर की भव्यता इसे और विशेष बना रही है।मां महामाया के आशीर्वाद से श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं।


