बिलासपुर रेलवे प्रशासन ने एमएफसी बिल्डिंग पर अवैध कब्जे के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में सभी दुकानों को खाली कराया गया और पूरी इमारत को सील कर दिया गया। रेलवे का कहना है कि यह संपत्ति उसकी है और इसे यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए विकसित किया जाएगा। बिलासपुर रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित एमएफसी बिल्डिंग पर स्वामित्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रेलवे प्रशासन और कुछ व्यक्तियों के बीच कानूनी लड़ाई चल रही थी, लेकिन हाल ही में जिला न्यायालय ने रेलवे के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद रेलवे ने सभी अवैध कब्जाधारियों को सात दिन का नोटिस दिया था।मंगलवार को नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दुकानों को खाली कराया। पहले दुकानों के ताले तोड़े गए, फिर वहां रखा सामान सुरक्षित स्थान पर रखा गया। अंत में सभी दुकानों को पूरी तरह सील कर दिया गया। रेलवे की इस कार्रवाई को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोग भी एकत्र हो गए थे।बिलासपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे ने पूरी प्रक्रिया कानूनी तरीके से पूरी की है। उन्होंने कहा कि सभी दुकानदारों को पहले ही समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद अब रेलवे ने अपनी संपत्ति को अपने नियंत्रण में ले लिया है।रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि एमएफसी बिल्डिंग को गिराकर स्टेशन परिसर में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रेलवे के इस फैसले से जहां यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है, वहीं प्रभावित दुकानदारों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर यह कार्रवाई रेलवे के विस्तार और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में स्टेशन को और आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सके।


