सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और कार्य संस्कृति को मजबूत करने के लिए कलेक्टर अवनीश शरण ने जिले के सभी सरकारी विभागों को निर्देश जारी किए हैं कि वे निर्धारित 15 दिनों के भीतर बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू करें। कलेक्टर के निर्देश के तहत जिला शिक्षा कार्यालय में बायोमैट्रिक मशीन स्थापित कर दी गई है, और अब अप्रैल माह से कर्मचारियों का वेतन भी इसी उपस्थिति के आधार पर जारी किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी ने बताया कि बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू होने से कार्यालयों में अनुशासन बढ़ेगा, और सभी कर्मचारियों को तय समय पर कार्यालय पहुंचने की आदत पड़ेगी। इसके अलावा, यह प्रणाली कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करेगी, जिससे कार्यों की गति तेज होगी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी सुधार होगा। उन्होंने आगे कहा कि कर्मचारियों को अब कार्यालय आने और जाने का समय निश्चित रूप से दर्ज कराना होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और कार्य के प्रति कर्मचारियों की रुचि भी बढ़ेगी। बायोमैट्रिक प्रणाली से देरी से आने और जल्द जाने की प्रवृत्ति पर भी लगाम लगेगी, जिससे सरकारी कार्यालयों में उत्पादकता में वृद्धि होगी कलेक्टर अवनीश शरण ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों, अतिरिक्त कलेक्टरों, जिला कार्यालय अधिकारियों एवं अन्य प्रभारी अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक सरकारी कार्यालय में बायोमैट्रिक मशीन स्थापित की जाए। इसी क्रम में, अब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी यह प्रणाली पूरी तरह लागू कर दी गई है, और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बायोमैट्रिक जानकारी मशीन में फीड कर दी गई है। इस निर्णय के बाद सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया में सुधार आएगा, और प्रशासनिक कार्यों में अधिक पारदर्शिता देखने को मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम कर्मचारियों की कार्यसंस्कृति को सुधारने और उन्हें समय के प्रति अधिक जागरूक बनाने में सहायक सिद्ध होगा। सरकारी कार्यालयों में बायोमैट्रिक प्रणाली लागू होने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कर्मचारी अपने निर्धारित कार्य समय के दौरान उपस्थित रहें। साथ ही, इससे कार्यालयों में कार्यशीलता बढ़ेगी और नागरिकों को भी बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब सभी कर्मचारियों को तय समय पर कार्यालय पहुंचना होगा, अन्यथा उनके वेतन में कटौती भी हो सकती है। जिले में अन्य सरकारी कार्यालयों में भी इस प्रणाली को शीघ्र ही लागू किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक कार्यों को सुचारू और पारदर्शी बनाया जा सके।


