बिलासपुर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन की शव यात्रा निकालकर पुतला दहन किया। एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों की भर्ती में गड़बड़ी, वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार को लेकर कुलपति सहित अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से तुरंत जाँच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्ष 2024-25 में शैक्षणिक पदों की भर्ती में आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षित पदों को भरा हुआ दिखाकर गलत आरक्षण रोस्टर तैयार किया गया और 14 जून 2024 को विज्ञापन जारी किया गया। इसके अलावा, कुछ पदों पर जल्दबाजी में साक्षात्कार कराकर नियुक्तियाँ तक कर दी गईं, जबकि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन था। संगठन ने इसे पूरी तरह से अवैध करार दिया है। एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को देखते हुए राज्य सरकार से तत्काल उच्च स्तरीय जाँच कराने की मांग की है। संगठन ने कहा है कि कुलपति को तत्काल हटाया जाए और अन्य दोषी अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है यह कार्यक्रम 13 दिनों तक दशगात्र मुंडन कार्यक्रम से लेकर तेरहवीं भोज तक जारी रहेगा उसके बाद भी कारवाही नहीं कि तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।




