ऑल इंडिया बीएसएनएल पेंशनर्स वेलफेयर संगठन के आह्वान पर गुरुवार को देशभर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में बिलासपुर में भी यह प्रदर्शन महाप्रबंधक दूरसंचार कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया। कार्यालय परिषद में बड़ी संख्या में पेंशनर्स और संगठन के सदस्य एकत्रित हुए। प्रदेश महासचिव बी.पी.एस. चौहान ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की पेंशनर्स विरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए कुछ फैसले सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए घातक साबित हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल इन फैसलों पर पुनर्विचार करने की मांग की। संगठन ने सरकार के समक्ष चार सूत्रीय मांगें रखी हैं। उनकी पहली मांग केंद्रीय वित्त विधेयक 2025 में पेंशनर्स के खिलाफ किए गए प्रावधानों को हटाये जाने की है पेंशनर्स का कहना है कि इस विधेयक में कुछ ऐसे संशोधन किए गए हैं जो उनके अधिकारों और लाभों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए, वे चाहते हैं कि इन प्रावधानों को वापस लिया जाए। उनकी दुसरी मांग है की पेंशन समानता पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को शीघ्र लागू किया जाए सर्वोच्च न्यायालय ने पेंशन समानता को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय दिया है, लेकिन सरकार इसे लागू करने में देरी कर रही है। पेंशनर्स की मांग है कि इस निर्णय को अविलंब लागू किया जाए ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनका वाजिब हक मिल सके। इसके साथ ही बीएसएनएल के पेंशनर्स चाहते हैं कि उनकी पेंशन का पुनः निर्धारण किया जाए और इसमें आठवें वेतन आयोग के दिशा-निर्देशों को शामिल किया जाए, ताकि उन्हें बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत का सामना करने में राहत मिले। इसके साथ ही उन्होंने अपनी चौथी मांग को रखते हुए बताया कि पूर्वकालीन और समकालीन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन लाभों में हो रही विसंगतियों को दूर किया जाए वर्तमान में, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन लाभों में असमानता देखी जा रही है। कुछ पुराने पेंशनर्स को कम लाभ मिल रहे हैं, जबकि नए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अधिक लाभ दिया जा रहा है। संगठन ने मांग की है कि इस विसंगति को समाप्त किया जाए और सभी पेंशनर्स को समान रूप से लाभ प्रदान किया जाये। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो यह विरोध प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह पेंशनर्स की समस्याओं को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द समाधान निकाले। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत विभिन्न राज्यों में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे, जब तक कि सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती। इस विरोध प्रदर्शन से स्पष्ट है कि बीएसएनएल पेंशनर्स अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।




