
बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 13, मंगला क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत कॉलोनियों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। दीनदयाल कॉलोनी, नया पारा, धुरिपारा और बुटन बाड़ी जैसे इलाकों में बिल्डरों द्वारा बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्लॉट काटे जा रहे हैं। नतीजतन, यहां बसने वाले परिवार सड़क, नाली, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। नगर निगम और प्रशासन की मौन भूमिका पर रहवासियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।स्थानीय पार्षद रमेश पटेल का कहना है कि बिल्डर किसानों से जमीन खरीदते हैं या एग्रीमेंट कर रजिस्ट्री करा देते हैं, फिर मुरुम डालकर प्लाट बेच देते हैं। रेरा समेत किसी भी नियामक प्रावधानों का पालन नहीं होता। जब लोग मकान बनाकर रहने लगते हैं तो सुविधाओं की मांग शुरू होती है, जिसका सारा बोझ पार्षद और नगर निगम पर आ जाता है। उन्होंने बताया कि कई बार मौखिक और लिखित रूप से शिकायतों के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।पार्षद ने मांग की है कि पटवारी और राजस्व विभाग की मदद से ऐसे मामलों की जांच हो और जिम्मेदार बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, हाल ही में पदभार संभालने वाले जिले के नए कलेक्टर ने इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि मंगला क्षेत्र को मूलभूत सुविधाएं कब मिलेंगी या फिर यह इलाका प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ता रहेगा।




