
छत्तीसगढ़ में सक्रिय अंतर्राज्यीय चोर गिरोह पर बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटे में चोरी की घटना का खुलासा कर दिया है। इस गिरोह के कुल 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 22 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। यह गिरोह रायपुर, राजनांदगांव और बिलासपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में ज्वेलरी शॉप में ठगी और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले हैं। हिम्मत लाल ज्वेलर्स, बिलासपुर में 28 अप्रैल को दो महिलाओं द्वारा नकली सोना देकर असली जेवर और नगदी हड़पने की घटना के बाद, बिलासपुर पुलिस की साइबर सेल और थाना सिटी कोतवाली की टीम तत्काल सक्रिय हो गई। शहर सहित अन्य जिलों के 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद संदिग्धों की पहचान कर ली गई।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने गिरोह का पीछा करते हुए महाराष्ट्र के भंडारा जिले के सकोली क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों को धरदबोचा। आरोपियों के पास से 140 ग्राम सोने के जेवर जिनकी कीमत लगभग 14 लख रुपए है, 3 किलो चांदी के जेवर 94 हजार नगद रुपए बरामद किए गए इसके साथ ही चोरी में प्रयुक्त मारुति बोलोरो कर भी जप्त की गई।

पूछताछ में आरोपियों ने बिलासपुर के अलावा उरला, रायपुर के माँ बंजारी ज्वेलर्स और राजनांदगांव के लक्ष्मी ज्वेलर्स में भी चोरी करना स्वीकार किया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने पूरे दल की सराहना करते हुए निरीक्षक अजहरउद्दीन, निरीक्षक राजेश मिश्रा, थाना प्रभारी विवेक पांडे और अन्य पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और प्रदेश में हुई अन्य चोरी की घटनाओं में इनकी भूमिका की जांच कर रही है।




